*उन्नाव में ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’: बदहाल सड़क पर महिलाओं ने की धान की रोपाई, ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी*
उन्नाव। मोहान विधानसभा क्षेत्र की ग्राम सभा ओहरापुर कौड़िया में बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सड़क की मरम्मत न होने से नाराज महिलाओं ने गड्ढों से भरी सड़क पर धान की रोपाई कर ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के नारे लगाए। ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का मुख्य मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे होने के कारण आए दिन राहगीर चोटिल होते हैं। बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। इसी के विरोध में महिलाओं ने सड़क के गड्ढों में प्रतीकात्मक रूप से धान रोपकर अपना आक्रोश जताया।
*प्रधान बोले- कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान*
ग्राम प्रधान दिलीप राजपूत और ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्रीय विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाधिकारी और गांव में आयोजित जनचौपाल में भी सड़क की समस्या उठाई जा चुकी है।
प्रधान के अनुसार, मामले को सांसद साक्षी महाराज के संज्ञान में भी लाया गया था। सांसद की ओर से डीएम को पत्र भेजकर सड़क निर्माण के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जिला पंचायत के जेई दीपक कुमार द्वारा सड़क का सर्वे कराया गया और एस्टीमेट भी तैयार किए जाने का दावा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सर्वे और एस्टीमेट के बाद भी मौके पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
*10 साल पूरे होने को, फिर भी सड़क बदहाल*
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के निर्माण को करीब 10 वर्ष पूरे होने वाले हैं, लेकिन मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की प्रक्रिया में कथित लापरवाही की जांच कराने की भी मांग की है।
*पहले सड़क बनवाओ, फिर वोट मांगने आना*
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि यदि सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि “पहले सड़क बनवाओ, फिर वोट मांगने गांव में आना।”
अब देखना होगा कि प्रशासन और जिला पंचायत ग्रामीणों की मांग पर क्या कार्रवाई करते हैं और चुनाव से पहले ओहरापुर कौड़िया की बदहाल सड़क का निर्माण या मरम्मत हो पाती है या नहीं।
*अस्तित्व कुशवाहा संवाददाता*




