*राष्ट्रीय अंगदान दिवस से अन्तरर्राष्ट्रीय अंगदान दिवस तक 10 दिन चलेगा अंगदान अभियान*
कानपुर 3 अगस्त 2026, युग दधीचि संस्थान 3 अगस्त राष्ट्रीय अंगदान दिवस से प्रारम्भ करके आगामी 13 अगस्त तक विशेष अंगदान जागरुकता मुहिम चलाने जा रहा है, आज बाल भवन, फूल बाग में आयोजित पत्रकार वार्ता में अभियान प्रमुख मनोज सेंगर ने बताया कि जो लोग अपने अंगदान का संकल्प लेना चाहें वे *फोन नम्बर 9839161790 अथवा 9453482790 पर फोन* या फिर वाट्सएप कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं, दस दिन में जिनका भी पंजीकरण हो जायेगा उन सबको 13 अगस्त अन्तरर्राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर समारोह पूर्वक प्रमाण पत्र दिये जायेंगे ।
*कब हो सकता है अंगदान* बताया गया कि जब ब्रेन डेथ हो जाये और क्लीनिकल डेथ कुछ समय में होने वाली हो उस समय में शासकीय कमेटी की देख रेख में परिजनों की लिखित सहमति से अंगदान लिया जा सकता है, समस्त प्रक्रिया शासन की कड़ी निगरानी में सम्पन्न की जाती है।
इसके लिये भारत सरकार की संस्था (NOTTO) नेशनल ऑर्गन एण्ड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन अपनी राज्य स्तरीय कमेटी को निर्देशित करती है और यह कमेटी स्थानीय शासकीय टीम की मदद से अंगदान प्राप्त करती है। अंगदान में नेत्रदान संकल्प भी शामिल है। *एक अंगदान से आठ लोगों को मिलती है जिन्दगी* –
एक स्वस्थ व्यक्ति के अंगदान से दो आँखें, दो किडनी, हृदय, यकृत अग्नाशय और फेफड़े आठ लोगों को नया जीवन दे सकते हैं, इन अंगों का जीवनकास बहुत कम होने के कारण इन्हें तत्काल निर्धारित अस्पताल तक ले जाने की प्रशासन द्वारा व्यवस्था की जाती है, केवल हमारी आँख ही सात घण्टे तक जीवित रह पाती है इस कारण नेत्रदान आसान है।
*किनका नहीं हो सकता अंगदान*
गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, हेपेटाइटिस बी, सेप्टीसीमिया, कोविड, एच आई वी से पीड़ित व्यक्तियों का अंगदान अथवा देहदान नहीं किया जा सकता । मनोज सेंगर ने बताया कि इन दस दिनों में विद्यालयों, संस्थाओं और संगठनों के बीच जाकर समाज में अंगदान के प्रति फैली भ्रान्तियों को दूर कर अंगदान की उपयोगिता पर बात होगी । वार्ता में देहदान अभियान प्रमुख मनोज सेंगर के साथ विहिप के प्रान्तीय अध्यक्ष श्री राजीव माहना, रेडक्रास चेयरपर्सन डा० उमेश पालीवाल, उत्कर्ष अकादमी निदेशक डा० प्रदीप दीक्षित एवं एक्स सर्विसमैन लीग अध्यक्ष मेजर योगेन्द्र कटियार शामिल रहे।




