फ्रेंडशिप डे पर बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन पर गूंजे दोस्ती के तराने
कानपुर नगर,फ्रेंडशिप डे के विशेष अवसर पर कानपुर मेट्रो ने ‘इंकटेल्स’ संस्था के सहयोग से बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन पर एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया। संगीत, कविता और दोस्ती के रंगों से सजे इस कार्यक्रम ने यात्रियों एवं उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने अपनी काव्य एवं संगीत प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया।
दोपहर लगभग 1 बजे आरंभ हुए कार्यक्रम में “ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे”, “सलामत रहे दोस्ताना हमारा”, “दोस्ती का नाम जिंदगी”, “मेरी दोस्ती मेरा प्यार” तथा “तेरे जैसा यार कहां” जैसे सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। कलाकारों ने दोस्ती पर आधारित लोकप्रिय गीतों के माध्यम से ऐसा समां बांधा कि श्रोता न केवल मंत्रमुग्ध हुए, बल्कि उनके साथ गुनगुनाने भी लगे।
संगीत प्रस्तुतियों में आरती ढमेरिया ने “कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया”, अंकित ने “दोस्ती का नाम ज़िंदगी”, लक्ष्मी प्रसाद ने “सलामत रहे दोस्ताना”, अमित बाजपेयी ने “मोहब्बत अब तिजारत बन गई है”, राहुल ने “खैरियत पूछो” तथा शैलेंद्र कुमार जमीर ने “ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे” गीतों को अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुत कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। प्रत्येक प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
संगीत के साथ-साथ काव्य प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। कवि नित्यानंद ने “मैं नहीं जाऊंगा”, आकाश मौर्य ने “मोहब्बत में सब कुछ छोड़ सकता हूं, पर दोस्ती को नहीं छोड़ सकता हूं” तथा रज्जू सिंह ने “सफर-ए-दोस्ती” का प्रभावशाली पाठ किया। वहीं कवयित्री अंतरा ने “वो लोग क्या करेंगे मेरे तकदीर का फैसला” तथा श्रुति दुबे ने “बदलते विचारों की गाथा” कविता प्रस्तुत कर श्रोताओं की भरपूर सराहना प्राप्त की। इसके अतिरिक्त सलोनी शर्मा, अंशिका त्रिवेदी, नावेद, विजय ठाकुर, विशाल कुरील, बाबी शर्मा, तनु सिंह, दीपा कीर्तनिया, साहिल एवं फैजान सहित अन्य प्रतिभागियों ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।




