गुरु पूर्णिमा का उत्सव अत्यंत हर्ष उल्लास के साथ मनाया गयागुरु पूर्णिमा का उत्सव अत्यंत हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया
कानपुर नगर, जय नारायण विद्या मंदिर में मारुति सभागार में गुरु पूर्णिमा का उत्सव अत्यंत हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया कार्यक्रम का प्रारम्भ महर्षि वेदव्यास जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ।
इस अवसर पर क्लास एकादश की छात्रा काव्या सिंह तथा द्वादश के छात्र अंशुमान शुक्ल ने गुरु के महत्व को स्पष्ट करते हुए उनकी गरिमा का बड़ा ही सुंदर विशद वर्णन किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल त्रिपाठी जी ने कहा कि गुरु की महिमा छात्रों में तभी सार्थक सिद्ध होती है ,जब वे उनके बताए हुए आदर्श का अनुपालन करते हैं साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास गवाह है गुरु से अधिक उनके शिष्यों का नाम यश इस समाज में फैला है, चाहे वह स्वामी विवेकानंद जी रहे हों। भगवान राम हों श्री कृष्ण हों अथवा कि अभी हाल ही में देश के प्रथम नागरिक रहे डॉक्टर एपीजे कलाम हों। इन सभी के पीछे उनके गुरुओं की असीम कृपा स्वयं सिद्ध है ।साथ ही उन्होंने छात्रों को शिक्षा संस्कार एवं श्रद्धा सम्मान के साथ जीवन उत्कर्ष के भाव में उत्तरोत्तर प्रगति करने का आशीर्वाद भी दिया ।इस अवसर पर कार्यक्रम के उपप्रधानाचार्या डा ० नमिता गुप्ता, कार्यक्रम प्रभारी वीरेंद्र दीक्षित जी एवं सभी आचार्य बंधु बहने उपस्थित रहे।
कानपुर नगर, जय नारायण विद्या मंदिर में मारुति सभागार में गुरु पूर्णिमा का उत्सव अत्यंत हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया कार्यक्रम का प्रारम्भ महर्षि वेदव्यास जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ।
इस अवसर पर क्लास एकादश की छात्रा काव्या सिंह तथा द्वादश के छात्र अंशुमान शुक्ल ने गुरु के महत्व को स्पष्ट करते हुए उनकी गरिमा का बड़ा ही सुंदर विशद वर्णन किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल त्रिपाठी जी ने कहा कि गुरु की महिमा छात्रों में तभी सार्थक सिद्ध होती है ,जब वे उनके बताए हुए आदर्श का अनुपालन करते हैं साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास गवाह है गुरु से अधिक उनके शिष्यों का नाम यश इस समाज में फैला है, चाहे वह स्वामी विवेकानंद जी रहे हों। भगवान राम हों श्री कृष्ण हों अथवा कि अभी हाल ही में देश के प्रथम नागरिक रहे डॉक्टर एपीजे कलाम हों। इन सभी के पीछे उनके गुरुओं की असीम कृपा स्वयं सिद्ध है ।साथ ही उन्होंने छात्रों को शिक्षा संस्कार एवं श्रद्धा सम्मान के साथ जीवन उत्कर्ष के भाव में उत्तरोत्तर प्रगति करने का आशीर्वाद भी दिया ।इस अवसर पर कार्यक्रम के उपप्रधानाचार्या डा ० नमिता गुप्ता, कार्यक्रम प्रभारी वीरेंद्र दीक्षित जी एवं सभी आचार्य बंधु बहने उपस्थित रहे।
हरिओम की रिपोर्ट




