*उन्नाव ऐतिहासिक लोनी ड्रेन की पटरी पर कथित कब्जे की चर्चा, सिंचाई विभाग ने रुकवाया काम, कब्जा हटाने के दिए निर्देश*
उन्नाव। जनपद की ऐतिहासिक लोनी ड्रेन की पटरी पर कथित कब्जे की चर्चाओं के बीच सिंचाई विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि वर्षों से किसान इसी पटरी के रास्ते अपने खेतों तक पहुंचते हैं। ड्रेन की सफाई और रखरखाव के दौरान भी इसी मार्ग का उपयोग किया जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, समय के साथ पटरी की चौड़ाई कम होती जा रही है। उनका कहना है कि यदि इस सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण होता है तो किसानों की आवाजाही प्रभावित होगी और ड्रेन के रखरखाव कार्य में भी बाधा आएगी। लोनी ड्रेन कानपुर-लखनऊ हाईवे से जुड़ी एक महत्वपूर्ण ड्रेन मानी जाती है। बता दे कि मामले पर संज्ञान लेते हुए सिंचाई विभाग के अभिशासी अभियंता गगन कुमार शुक्ला ने निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ड्रेन की पटरी पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अभिशासी अभियंता गगन कुमार शुक्ला ने बताया कि संबंधित लोगों को तत्काल कथित कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि बनाई जा रही बाउंड्री वॉल नहीं हटाई जाती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले को लेकर सिंचाई विभाग की कार्रवाई शुरू हो गई है और स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की इस महत्वपूर्ण पटरी को अतिक्रमण मुक्त कराया जाना किसानों और विभाग, दोनों के हित में आवश्यक है।
*अस्तित्व कुशवाहा संवाददाता*




