कानपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी ने कृषि प्रदर्शनी का किया उद्घाटन, अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक

कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरूवार को कानपुर पहुंचे। वह सुबह 11ः45 बजे चंद्र शेखर आजाद कृषि विश्वविधालय में बने हैलीपैड पर उतरे। इससे पहले उनकी आने की आधिकारिक जानकारी के बाद कानपुर प्रशासन द्वारा सभी तैयारियों को पूर्ण कर लिया गया था। योगी आदित्यनाथ प्राकृतिक खेती कार्यशाला में शामिल होने के साथ ही लोक निर्माण विभाग तथा उधोग विभाग की परियोजनाओ की समीक्षा की। उन्होने सीएसए में खेती से जुडी प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया व कार्यशाला में हिस्सा लिया। इसके उरान्त वह हरकोर्ट बटलर तकनीकि विश्वविधालय परिसर स्थित सभागार में मंडलीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री शहर में लगभग 3 घंटे 50 मिनट तक रहे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरूवार को सीएसऐ हैलीपैड पर 11ः45 बजे उतरे, जहां उनका भाजपा के सांसद और विधायकों ने स्वागत किया। स्वागत करने के दौरान सांसद रमेश अवस्थी, मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, सूर्य प्रताप साही के साथ महापौर प्रमिला पाण्डेय, विधायक अभिजीत सिंह सांगा, सुरेन्द्र मैथानी, नीलिमा कटियार, महेश त्रिवेदी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री हैलीपैड पर उतरने के उपरांत चंद्रशेखर कृषि एवं प्रोधोगिकी विश्वविधालय पहुंचे, जहां उन्होने प्राकृतिक क्रृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया, इसके पश्चात् उन्होने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों तथा विशेषज्ञों से संवाद किया तथा कहा कि इन सालों में हमने बदले हुए भारत को देखा है, जो बिना रूके बिना थके निरंतर चल रहा है। भारत अपनी विरासत और विकास को आगे बढा रहा है। उन्होने कहा कि ऐसा नही है कि पहले सामर्थ नही था, सामर्थ था लेकिन उसका एहसास कराने वाला नेतृत्व नही था। उन्होने कहा कि आज यदि दो हजार वर्ष पूर्व वाले भारत को देखे तब भी पूरी दुनिया में उसकी 44 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, इसके बाद यदि 400 वर्ष पूर्व देखे तो ग्लोबल हिस्सेदारी 25 प्रतिशत थी। कहा कि हमने विदेशियों की नकल शुरू की और पिछडते चले गये। कहा आजादी के समय हमारी हिस्सेदारी दो प्रतिशत थी। कहा मोदी के नेतृत्व पर विश्वास बढा है। किसानो, महिलाओं, व्यापारियों पर विश्वास करते हुए हम आगे बढे है और उभरती हुई अर्थ व्यवस्था बने है। कार्यक्रम में छोटे लाला, राजेश कुमार त्रिपाठी, आशीष कुमार, सुनील सिंह कटियार, फूल चंद यादव को सम्मानित किया गया।
देश आत्मनिर्भरता और विकास की नई दिशा में बढ रहा आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश आत्मनिर्भता और विकास की दिशा में देश आगे बढ रहा है। प्राकृतिक कृषि केवल कृषि पद्धति बल्कि स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र का अभियान है। उन्होने कहा रासायन उर्वकों एवं पेस्टीसाइड के बढते प्रयोग ने धरती की उर्वरा शक्ति को नुकसान तो पहुंचाया ही है, लोगों के स्वास्थ पर भी इसका असर हुआ है। उन्होने कहा एक समय लोग हैंडपंप और तालाबों का पानी पी लेते थे, लेकिन आज किडनी, लीवर आदि अन्य बिमारियों के खतरे ज्यादा तेजी से बढ रहें है। इसके पीछे खान-पान के साथ रासायनिक खेती भी कारण है। वर्तमान व्यवस्था अन्न के नाम पर जहर परोसने का काम नही कर सकती इसलिए पारंपरिक खेेती की तरफ लौटना समय की आवश्यकता है।
सीएम ने गो आधारित खेती के उपयोग को दिया महत्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गो आधारित खेती अपनाने से किसानों की लागत 10 से 12 हजार रू0 तक कम हो सकती है। जहां इससे कीटनाशकों पर होने वाले खर्च में बचत होगी तो वहीं स्वास्थ्य संबधी खर्च भी कम होंगे। उन्होने कहा आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं कवच है लेकिन लक्ष्य ऐसा समाज बनाना है जहां बीमारियां कम हो। उन्होने कहा हम गाय की पूजा करते है। गो आधारित खेती से गोवंश की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। कहा कि शॉटकट रास्त अपनाये जाने के कारण आज कई समस्याये सामने आई है। यदि किसान गाय को परिवार का हिस्सा बनाये तो खेती भी मजबूत होगी और गोवंश भी सुरक्षित रहेगा। आज उत्तर प्रदेश में सरकार की निराश्रित गोआश्रय 14 लाख गोवंश सुरक्षित है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत किसान 4 गोवंश अपने पास रख सकते है, जिसके लिए सरकार 1500रू0 प्रतिमाह सरकार सहायता देती है।
विपक्ष का काम केवल आलोचना करना
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व में अर्थव्यवस्था में अग्रणी स्थान रखता है। किसान, व्यापारियों, युवाआंे और महिलाओं के विश्वास के कारण देश सम्पन्न था और वहीं आत्मविश्वास मोदी जी के नेतृत्व में वापस लौटा है। कहा 2014 के पहल किसान लागत और कम आय के लिए परेशान था, किन्तु अब न्यूनतम समर्थन मूल्य, किसान सम्मान निधी, फसल बीमा और सिंचाई योजनाओं ने किसानों को नई ताकत दी है। विपक्ष का काम केवल आलोचना करना है, लेकिन किसान प्रधानमंत्री मोदी के विजन पर अपनी मोहर लगा चुका है।
कानपुर नगर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रतापने तामपत्र पर अंकित मुख्यमंत्री का चित्र, उन्हें भेंट किया। कार्यक्रम में विधानसंभा अध्यक्ष सतीश महाना, कृषि मंत्री सूर्य प्रकाश शाही, प्रभारी मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, समाज कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरूण तथा कृषि शिक्षा एंव अनुसंधान राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख भी मौजूद रहे।
हरिओम की रिपोर्ट




