*उन्नाव में मालगाड़ी की चपेट में आए पिता-पुत्री, मौत, पत्नी से हुई थी लड़ाई, झगड़े के बाद बेटी के साथ निकले, कार में पर्स और मोबाइल मिले*
ख़बर उन्नाव से है जहां गंगाघाट और मगरवारा रेलवे स्टेशन के बीच सहजनी क्रॉसिंग पर सोमवार देर रात एक मालगाड़ी ने कानपुर के कल्याणपुर निवासी विकास गुप्ता और उनकी 13 वर्षीय बेटी वेदिका को अपनी चपेट में ले लिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना डाउन लाइन पर हुई। रेलवे सूत्रों के अनुसार, देर रात गेटमैन ने ट्रैक पर शव पड़े होने की सूचना स्टेशन मास्टर को दी। तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में आने के कारण हादसा इतना गंभीर था कि दिल्ली से लखनऊ जा रही तेजस एक्सप्रेस को लगभग 33 मिनट तक रोका गया। सुरक्षा कारणों से अन्य ट्रेनों की गति भी अस्थायी रूप से धीमी कर दी गई, जिससे रेल यातायात प्रभावित हुआ है। स्थानीय पुलिस और जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक खाली कराया और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि हादसे या अन्य कारणों से ट्रैक पर होने की संभावना को भी नकारा नहीं गया है। मौत के सही कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
बता दे कि मृतक विकास गुप्ता की पत्नी डॉली कुछ समय से मायके में रह रही थीं। सोमवार को मायके में पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। पुलिस के मुताबिक, विवाद के बाद विकास अपनी बेटी वेदिका के साथ घर से निकले थे और तभी यह घटना हुई। खबर सुनते ही विकास की पत्नी डॉली थाने पहुंचीं और बेहोश हो गईं। मौके पर शवों की शिनाख्त में करीब चार घंटे की देरी को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार उसके साले यश गुप्ता के नाम पंजीकृत थी और चाबी मृतक की कमर में लगी थी, साथ ही कार में पर्स और मोबाइल भी मौजूद थे। इसके बावजूद पुलिस ने वैकल्पिक प्रयास नहीं किए। स्थानीय लोगों ने नेटवर्क न आने और एप न चलने का बहाना बताया। स्थानीय पुलिसकर्मियों ने कहा कि एप काम नहीं कर रहा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। शवों की शिनाख्त में देरी और प्रक्रिया संबंधी पहलुओं की भी समीक्षा की जाएगी। फिलहाल पुलिस आत्महत्या की आशंका समेत सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।।
*अस्तित्व कुशवाहा संवाददाता*




