भारत सरकार लिखी स्कॉर्पियो और ऑटो से नशे की होम डिलीवरी, महिला समेत तीन गिरफ्तार
डिस्ट्रिक हेड | राहुल द्विवेदी
कानपुर। नौबस्ता पुलिस ने नशे की होम डिलीवरी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चरस, गांजा और नशीला भूरा पदार्थ सहित करीब 30 लाख रुपये से अधिक का माल बरामद किया गया है।
बुधवार रात नौबस्ता थाना क्षेत्र के विराटनगर कट के पास पुलिस ने भारत सरकार लिखा स्टिकर लगी स्कॉर्पियो और एक ऑटो को रोका। तलाशी के दौरान 1420 ग्राम गांजा, 115 ग्राम चरस, 20 ग्राम नशीला भूरा पदार्थ, दो डिजिटल तराजू, एक स्कॉर्पियो, एक ऑटो और एक लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई। गुरुवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में डब्ल्यू ब्लॉक केशवनगर निवासी तेजबहादुर सोनकर उर्फ राजबहादुर, उसकी पत्नी आशा और नई बस्ती मेहरबान सिंह का पुरवा निवासी भीम सिंह शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने सात लाख रुपये में पुरानी स्कॉर्पियो खरीदी थी और उस पर ‘भारत सरकार’ का स्टीकर लगाकर पुलिस की चेकिंग से बचते थे।
भीम सिंह को एक ऑटो दिया गया था, जिसके जरिए वह जरूरत के अनुसार चरस, गांजा और भूरा पदार्थ की सप्लाई करता था। मादक पदार्थ तौलने के लिए आरोपी अपने साथ डिजिटल तराजू भी रखते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि तेजबहादुर का चकेरी निवासी भाई वीर बहादुर सोनकर उसे नशे का माल सप्लाई करता था। आरोपी लंबे समय से नशे के कारोबार में लिप्त थे और उनके बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। तेजबहादुर के खिलाफ किदवई नगर, नौबस्ता और हनुमंत विहार थानों में चोरी और एनडीपीएस एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं और वह पहले भी जेल जा चुका है।
मोबाइल बना कंट्रोल रूम, वाहन बने हथियार
आरोपी मोबाइल फोन को कंट्रोल रूम की तरह इस्तेमाल करते थे। ग्राहक से मोबाइल पर सौदा तय कर ऑटो और स्कॉर्पियो के माध्यम से नशे की होम डिलीवरी की जाती थी।
डीसीपी ने कार्रवाई करने वाली नौबस्ता थाना प्रभारी नदीम अहमद सिद्दीकी और उनकी टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।




