*सुप्रसिद्ध गायिका डॉ जया श्रीवास्तव ने हैरिटेज आप लखनऊ द्वारा आयोजित लिटरेरी फेस्टिवल में ग़ज़ल पेश कर समां बांध दिया
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लखनऊ। “हेरिटेज ऑफ अवध” संस्था द्वारा अलीगंज स्थित चंद्रलोक परिसर में आयोजित “लिटरेरी फेस्ट” अवध की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव बनकर उभरा। कार्यक्रम में साहित्य, इतिहास और कला से जुड़े सत्र हुए।
इमरान अब्बासी ने “किस्सा-ए-इत्र” के माध्यम से अवध की खुशबुओं की परंपरा बताई। रियाज़ अल्वी ने आर्काइवल हेरिटेज पर प्रकाश डाला। पूर्व आईएएस शफीक मलिक व पूर्व आयकर आयुक्त सुबूर उस्मानी ने पुस्तक “ठग्स ऑफ अवध” पर चर्चा की। इतिहासकार रोशन तकी ने “पेज ऑन 1857” के जरिए क्रांति के ऐतिहासिक पहलू सामने रखे।
इस सफल आयोजन के समापन सत्र में चार चांद लगाए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त दूरदर्शन एवं आकाशवाणी कलाकार
डॉ. जया श्रीवास्तव, कुशल रंगमंच कलाकार राजेन्द्र नाथ सहित सुप्रसिद्ध एंकर नवीन कोहली सायानी और मशहूर निर्देशक रहमान खान ने। पद्मश्री डॉ योगेश प्रवीन को याद करते हुए सुप्रसिद्ध गायिका डॉ जया श्रीवास्तव ने बड़ी भावुकता के साथ उनकी लिखी ग़ज़ल प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने फिल्म और थिएटर पर अपने विचार साझा करते हुए बॉलीवुड में लखनऊ के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया।
रंगमंच कलाकार राजेन्द्र नाथ ने थिएटर के बदलते स्वरूप पर विचार रखे, वहीं नवीन कोहली ‘सायानी’ ने मनोरंजक परिचर्चा से समापन सत्र को जीवंत बना दिया। मशहूर निर्देशक रहमान खान ने सिनेमा और रंगमंच के समन्वय पर अपने अनुभव साझा किए।
अंत में आयोजक मुज्तबा खान और तारिक खान ने सभी का शुक्रिया अदा कर सम्मानित किया।यह फेस्ट अवध की अदबी परंपरा और ऐतिहासिक विरासत का सशक्त मंच बना।




