UP सरकार अब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ खुलकर आ गई है। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने अविमुक्तेश्वरानंद के शंकराचार्य पद पर सवाल उठाते हुए उन्हें नोटिस भेजा है।
नोटिस में लिखा है– “शंकराचार्य पद का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। जब तक SC से कोई आदेश नहीं होता, तब तक धर्माचार्य ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में कोई भी व्यक्ति पट्टाभिषेक नहीं हो सकता। जबकि माघ मेला शिविर के बोर्ड में आपने खुद को शंकराचार्य घोषित कर रखा है। इससे SC की अवहेलना हो रही है। इसलिए 24 घंटे में बताएं कि शंकराचार्य शब्द का प्रयोग कैसे किया जा रहा है।




