गोविंदपुरी बनेगा सैटेलाइट स्टेशन, 403 करोड़ से बदलेगी सूरत
ओएचई लाइन की क्षमता दोगुनी, ट्रेनों की संख्या 80 से बढ़कर 170 तक पहुंचेगी
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
कानपुर। कानपुर सेंट्रल स्टेशन का भार कम करने और रेल परिचालन को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन को सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिस पर करीब 403 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के तहत वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी खंड में ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) लाइन की क्षमता दोगुनी की जाएगी।
रेलवे के विजन 2030 के तहत कानपुर से चलने वाली ट्रेनों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी क्रम में गोविंदपुरी स्टेशन को अपग्रेड कर उसे सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में गोविंदपुरी से करीब 80 ट्रेनों का संचालन होता है, जबकि भविष्य में यहां से 150 से 170 ट्रेनों के संचालन की योजना है।
रेल मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद उत्तर मध्य रेलवे ने इस परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। ओएचई लाइन की क्षमता को मौजूदा 1.25 केवी से बढ़ाकर 2.25 केवी किया जाएगा। इससे हाईस्पीड ट्रेनों के साथ-साथ भारी मालगाड़ियों के संचालन में भी सुविधा होगी और रेल यातायात अधिक सुगम बनेगा।
अमृत भारत योजना के तहत मिल रही आधुनिक सुविधाएं
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत गोविंदपुरी स्टेशन का हाल ही में जीर्णोद्धार किया गया है और इसी वर्ष इसका लोकार्पण भी हुआ था। स्टेशन पर यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। इनमें दिव्यांग यात्रियों के लिए व्हीलचेयर और सुलभ प्रवेश द्वार, पार्किंग, शौचालय, फूड प्लाजा, वेटिंग रूम और वीआईपी लाउंज शामिल हैं।
इसके अलावा स्टेशन पर 20 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज, हरियाली के लिए पौधारोपण, लिफ्ट और स्वचलित सीढ़ियों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि ओएचई लाइन की क्षमता बढ़ने से इस खंड में ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारू होगा, गति में वृद्धि होगी और भविष्य की जरूरतों के अनुसार अधिक ट्रेनों का परिचालन संभव हो सकेगा।




