24 घंटे की सुरक्षा में सेंध! कारगिल पार्क से 4.16 लाख के 16 JBL स्पीकर चोरी, विभाग पर लीपापोती का आरोप
डिस्ट्रिक हेड | राहुल द्विवेदी
कानपुर के प्रतिष्ठित कारगिल पार्क में 24 घंटे तैनात सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। पूर्व सैनिकों की निगरानी के बावजूद चोरों ने पार्क से 4.16 लाख रुपये कीमत के 16 महंगे JBL स्पीकर उड़ा लिए, जबकि विभाग अब मामले को दबाने और आंकड़े छिपाने की कोशिश करता नजर आ रहा है।
सोते रहे पूर्व सैनिक, स्पीकर उखाड़ ले गए चोर
कारगिल पार्क में सुरक्षा के लिए तैनात 12 पूर्व फौजियों की मौजूदगी के बावजूद चोर एक-एक कर स्पीकर खोलते रहे और किसी को भनक तक नहीं लगी। स्पीकर केवल निकाले नहीं गए, बल्कि नट-बोल्ट खोलकर और भूमिगत केबल काटकर चोरी किए गए, जिससे किसी अंदरूनी मिलीभगत की आशंका भी गहराती जा रही है।
11 दिन बाद भी CCTV खंगालने की जहमत नहीं
हैरानी की बात यह है कि घटना के 11 दिन बीत जाने के बावजूद नगर निगम ने न तो सीसीटीवी कैमरों की गंभीरता से जांच कराई और न ही चोरों तक पहुंचने की कोई ठोस कार्रवाई की। उल्टा, मामले को हल्का दिखाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
5 करोड़ की लागत से संवरा था कारगिल पार्क
कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (KSCL) ने करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से कारगिल पार्क का सौंदर्यीकरण कराया था। पार्क में
सिंथेटिक पाथवे
आकर्षक लाइटिंग
सीसीटीवी कैमरे
चिल्ड्रन पार्क
एलसीडी युक्त कंट्रोल रूम
और विश्व स्तरीय JBL म्यूजिक सिस्टम लगाया गया था
पूरे पार्क में पाथवे के किनारे कुल 106 स्पीकर लगाए गए थे, जो कंट्रोल रूम से संचालित होते थे और दर्शकों के आकर्षण का केंद्र थे।
हर महीने 2.16 लाख खर्च, फिर भी सुरक्षा फेल
नगर निगम द्वारा कारगिल पार्क की सुरक्षा में तैनात 12 पूर्व सैनिकों पर हर महीने 2.16 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। चार-चार जवान सुबह, शाम और रात की शिफ्ट में तैनात रहते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकतर गार्ड मुख्य गेट के पास कुर्सी डालकर बैठे रहते हैं और न दिन में गश्त करते हैं, न रात में—इसी लापरवाही का फायदा चोरों ने उठाया।
16 की जगह 5 स्पीकर दिखाए गए चोरी
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि नगर निगम के सुरक्षा सुपरवाइजर बलवान सिंह ने उद्यान अधिकारी को भेजी रिपोर्ट में 16 के बजाय केवल 5 स्पीकर चोरी होने की सूचना दी।
पत्र में बताया गया कि 20 दिसंबर की रात पांच स्पीकर चोरी हुए और इसकी जानकारी 21 दिसंबर को मिली। साथ ही लाजपत भवन के सीसीटीवी कैमरे खंगालने की संस्तुति की गई।
नगर आयुक्त का बयान
नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कहा—
“कारगिल पार्क में हुई चोरी की जांच कराई जाएगी। चोरों का पता लगाया जाएगा। यदि जांच में मिलीभगत सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।”
सवाल कायम
12 पूर्व सैनिकों की मौजूदगी में चोरी कैसे हुई?
16 की जगह 5 स्पीकर दिखाने की जरूरत क्यों पड़ी?
क्या सुरक्षा एजेंसी और अफसरों की मिलीभगत है?
कारगिल पार्क की यह चोरी अब सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और लीपापोती का बड़ा मामला बनती जा रही है।




