*फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा चंदवारा का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र*
जसपुरा/बांदा। सरकार भले ही हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रही हो, लेकिन पैलानी तहसील के विकासखंड जसपुरा अंतर्गत स्थित चंदवारा का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इन दावों की पोल खोल रहा है।यहां स्वास्थ्य सेवाएं नाम मात्र की रह गई हैं और मरीजों की जान फार्मासिस्ट के भरोसे चल रही है।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदवारा वर्षों से स्टाप की भारी कमी से जूझ रहा है।स्थिति यह है कि एकमात्र फार्मासिस्ट ही मरीजों का इलाज करने को मजबूर हैं।वर्षों से चिकित्सक,लैब सहायक,वार्ड ब्वॉय और सफाईकर्मी जैसे ज़रूरी पद खाली पड़े हैं।यहां लगभग बीस हजार की आबादी को सिर्फ फार्मासिस्ट की सलाह पर दवा मिलती है।गंभीर रोगों के इलाज के लिए लोगों को 20 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुरा जाना पड़ता है।अस्पताल परिसर की हालत और भी चिंताजनक है। चारों ओर गंदगी फैली हुई है और जगह-जगह जलभराव है, जिससे मच्छर पनप रहे हैं और संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है।नालियों की सफाई नहीं होने से बदबू और गंदगी का माहौल मरीजों के लिए और भी खतरनाक बनाता है। पीएचसी परिसर में बने कर्मचारी आवास अब खंडहर बन चुके हैं। चारों ओर उगी झाड़ियां और टूटे-फूटे मकान यह दर्शाते हैं कि इनका वर्षों से कोई रख-रखाव नहीं हुआ है।सपा नेता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले ने बताया कि वर्तमान समय में तिरहार क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित है।एक बड़े गरीब क्षेत्र में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भारी अवस्था देखने को मिल रही हैं।स्वीकृत पदों में एक चिकित्सक,एक फार्मासिस्ट,एक लैब सहायक,एक एएनएम,एक वार्ड ब्वॉय और एक सफाईकर्मी होना चाहिए। लेकिन वर्तमान में सिर्फ फार्मासिस्ट और एएनएम तैनात हैं, बाकी सभी पद रिक्त पड़े हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को इस बदहाल व्यवस्था की जानकारी दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते हजारों की आबादी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक जसपुरा डाक्टर संदीप गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जांच कराकर व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी।
बाँदा-ब्यूरो
अल्तमश हुसैन




