*सरकारी फ़ीस जमा करने के बाद भी देनी होती है मोटी घूस*
*केडीए हो या नगर निगम या फ़िर आवास विकास परिषद, मनमाफिक चढ़ावा नहीं चढ़ा तो मकान मालिकों को रास्ता नपवा दिया जाता है सरकारी बाबुओं द्वारा*
*कानपुर आवास विकास परिषद नौबस्ता में धड़ल्ले से चल रही है उगाही और दलाली*
*रिटायर्ड कर्मी मोहन लाल आवास विकास परिषद में पंकज कुमार (कनिष्ठ सहायक) और उच्च अधिकारियों का सरंक्षण प्राप्त कर के मकानों के कागज़ों के लिए पहले ही कर लेता है वसूली*
*वसूली लेने के बाद तय किया जाता है मकान के कागज़ों को देने का दिन व समय, सरकारी फ़ीस जमा करने के बाद ऊपरी बाकी की रकम लेने के लिए भी दिन तारीख दे दी जाती है क्षेत्रीय लोगों को*
*मोटी घूस न देने पर रुकवा दिए जाते हैं मकानों के कागज़, दर दर भटकने पर मकान मालिक हो जाता है मजबूर*
*वहीं इन बाबुओं और दलालों को नहीं रहता किसी भी अधिकारी का भय, नौबस्ता मच्छरिया स्थित दफ़्तर आवास विकास परिषद बना घूसखोरी का कार्यालय*
*जहां न कोई देखने वाला न ही कोई अधिकारी रहता है मौजूद, इन दलालों और बाबुओं ने बना दिया है जंगलराज
डिस्टिक हेड
राहुल द्विवेदी की रिपोर्ट




