डा० राही मासूम रज़ा की शताब्दी वर्ष जनवादी व प्रगति लेखक संघ ने शास्त्री भवन में मनाया
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नाहर सिंह यादव
कानपुर । प्रगतिशील और जनवादी लेखक संघ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित , देश के जाने माने तरक्की पसंद लेखक शायर डॉ राही मासूम रजा के शताब्दी वर्ष में स्थानीय हरिहर नाथ शास्त्री भवन में संबोधित करते हुए जनवादी लेखक संघ की संरक्षक सुभाषिनी अली ने कहा कि पूरी दुनिया में प्रगतिशील साहित्य के समस्त रचना कार बामपक्षीय विचार धारा से ही प्रेरित रहे डॉ राही मासूम रजा उनमें से एक बड़ा नाम है जो सदैव हिंदू मुस्लिम भाईचारे तथा सांस्कृतिक एकता के प्रतिनिधि लेखक रहे नीम का पेड़ , आधा गांव, टोपी शुक्ला उनकी अमर रचनाएं है उनके पूरे साहित्य का पुनर्पाठ किया जाना आज बहुत जरूरी है ,
अपने संबोधन में बताया कि जब डॉ रजा महाभारत के डायलॉग्स लिख रहे थे तब हजारों पत्र उन्हें गालियों से लिखे हुए प्राप्त होते वो उन पत्रों को धारावाहिक के निर्माता बी आर चोपड़ा को भेज देते वो पत्र उनकी और अच्छा करने की प्रेरणा बने
आज हमे डॉ राही मासूम रजा के लेखन को अपने जीवन में अमल में लाना ही होगा, जनवादी लेखक संघ की प्रोफेसर नलिन रंजन सिंह ने कहा कि राही मासूम राजा के उपन्यासों और शायरी पर विचार करने के बाद स्पष्ट तौर से पता लगता है कि हिंदुस्तानियत उसमें रची थी हिंदी और उर्दू का जैसा समान भाव उनके यहां है वह दुर्लभ है उर्दू का एक जानकारी उर्दू को देवनार में लिखते हुए धर्म के साथ भाषाओं की भी एकता की बात करता है उनकी दिलेरी उनके वेवाकी कमाल की है वह सच को सच कहने में कभी नहीं घबराते सांप्रदायिकता के मुद्दे पर जिस तरह हुए चोट करते हैं वह आज की तारीख में बेहद प्रासंगिक है । डा० राही मासूम रजा अकादमी के महासचिव हाफिज किदवई ने कहा जब देश सांप्रदायिक विचारों की सत्ता से जूझ रहा है। नफरत और झूठ बोलने में जरा सी भी शर्म नहीं आती हो। इस मौके पर खान फारुक सईद नकवी,डा०आनन्द शुक्ला, अनीता मिश्रा ने विचार रखे। कार्यक्रम में प्रताप साहनी डॉ अब्दुल फैज राजकुमार अग्निहोत्री भावना मिश्रा देवेंद्र श्रीवास्तव नरेंद्र निषाद देव कुमार रिचा जायसवाल अंकित अवस्थी खुशी गुप्ता आरती कनौजिया प्रभाकर कटियार उपस्थित रहे




