*विश्व साक्षरता दिवस पर बीएसए के आदेश से विद्यालयों में चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताएं हुई आयोजित*
*विश्व साक्षरता दिवस पर बीएसए के आदेश से विद्यालयों में चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताएं हुई आयोजित*
नाहर सिंह यादव
कानपुर देहात । जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय के आदेश पर विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों में चित्रकला, निबंध एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय सिठमरा में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। बच्चों ने साक्षरता स्लोगन के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक शनेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ वर्ष 2026 में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की 60वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस वर्ष की थीम लोगों, ग्रह और समृद्धि के लिए साक्षरता है। इस वर्ष का वैश्विक मुख्य समारोह यूनेस्को द्वारा मैक्सिको के चियापास में आयोजित किया जा रहा है।
मास्टर ट्रेनर नवीन कुमार दीक्षितने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने और लिखने की योग्यता तक सीमित नहीं है, आज के समय में इसमें डिजिटल, वित्तीय और मीडिया साक्षरता जैसे कौशल भी शामिल हैं।
शिक्षिका माया देवी ने कहा कि साक्षरता से व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझता है और अच्छे रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। पढ़ा-लिखा समाज ही देश की अर्थव्यवस्था और विकास में बड़ा योगदान देता है।
वहीं अनुदेशक प्रियंका यादव*ने कहा कि साक्षर लोग स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, संरक्षा और समय पालन जैसी बातों को आसानी से समझ सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने साक्षरता से संबंधित चित्र बनाकर और नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया।
नाहर सिंह यादव
कानपुर देहात । जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय के आदेश पर विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों में चित्रकला, निबंध एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय सिठमरा में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। बच्चों ने साक्षरता स्लोगन के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक शनेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ वर्ष 2026 में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की 60वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस वर्ष की थीम लोगों, ग्रह और समृद्धि के लिए साक्षरता है। इस वर्ष का वैश्विक मुख्य समारोह यूनेस्को द्वारा मैक्सिको के चियापास में आयोजित किया जा रहा है।
मास्टर*विश्व साक्षरता दिवस पर बीएसए के आदेश से विद्यालयों में चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताएं हुई आयोजित*
नाहर सिंह यादव
कानपुर देहात । जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय के आदेश पर विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों में चित्रकला, निबंध एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय सिठमरा में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। बच्चों ने साक्षरता स्लोगन के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक शनेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ वर्ष 2026 में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की 60वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस वर्ष की थीम लोगों, ग्रह और समृद्धि के लिए साक्षरता है। इस वर्ष का वैश्विक मुख्य समारोह यूनेस्को द्वारा मैक्सिको के चियापास में आयोजित किया जा रहा है।
मास्टर ट्रेनर नवीन कुमार दीक्षितने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने और लिखने की योग्यता तक सीमित नहीं है, आज के समय में इसमें डिजिटल, वित्तीय और मीडिया साक्षरता जैसे कौशल भी शामिल हैं।
शिक्षिका माया देवी ने कहा कि साक्षरता से व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझता है और अच्छे रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। पढ़ा-लिखा समाज ही देश की अर्थव्यवस्था और विकास में बड़ा योगदान देता है।
वहीं अनुदेशक प्रियंका यादव*ने कहा कि साक्षर लोग स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, संरक्षा और समय पालन जैसी बातों को आसानी से समझ सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने साक्षरता से संबंधित चित्र बनाकर और नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया। ट्रेनर नवीन कुमार दीक्षितने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने और लिखने की योग्यता तक सीमित नहीं है, आज के समय में इसमें डिजिटल, वित्तीय और मीडिया साक्षरता जैसे कौशल भी शामिल हैं।
शिक्षिका माया देवी ने कहा कि साक्षरता से व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझता है और अच्छे रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। पढ़ा-लिखा समाज ही देश की अर्थव्यवस्था और विकास में बड़ा योगदान देता है।
वहीं अनुदेशक प्रियंका यादव*ने कहा कि साक्षर लोग स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, संरक्षा और समय पालन जैसी बातों को आसानी से समझ सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने साक्षरता से संबंधित चित्र बनाकर और नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया।




