अब शहरी क्षेत्रों में भी तेजी से पैर पसार रहा डेंगू
अब शहरी क्षेत्रों में भी तेजी से पैर पसार रहा डेंगू
कानपुर नगर, ग्रामीण क्षेत्रों के बाद अब डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी का वायरस शहरी क्षेत्रों में भी तेजी के साथ अपने पैर फैला रहा है। शहर के जूही ख्ुार्द, पनकी, अफीमकोठी, गणेशनगर, रावतपुर, गदनपर, चुरसा बिल्हौर, कटरी से सटे कुछ क्षेत्रों में बुखर पीडितों की जांच के दौरान डेूगू की पुष्टि के बाद प्रशासन ने भी जहां कमर कस ली है, वहीं स्वास्थ्य महकमा भी तेजी से सक्रीय हो उठा है। शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 75 हाट स्पाट क्षेत्रों में संचारी रोग व मलेरिया तिभाग की टीम का लगाया गया है।
डेंगू के साथ ही स्वाइन फ्लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ विभाग की टीम बिते कई दिनों से लगातार फील्ड पर बनी हुई है और बुखर तथा संक्रमण से ग्रसित मरीजों की लगातार सैपलिंग की जा रही है। बुखर पीउित मरीजों में बुखार तथा डेंगू की पुष्टि के लिए सैंपलों की जांच जीएसवीएम मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलाजी लैब में कराई जा रही है। शहर के किनारे के क्षेत्रों में किशुनपुर, चैबेपुर, में भी डेूंगू के दो मामले सामने आये थे, तो चैबेपुर क्षेत्र के कई गांवों में भी बुखार का प्रकोप है।
शहर के एलएलआर अस्पताल, उर्सला तथा कांशीराम चिकित्सालय के साथ अन्य प्राइवेट अस्पतालों में भी बुखार व संक्रमण के कारण आने वाले मरीजों का तांता लगा हुआ है। डाक्टरों का कहना है कि उल्टी, दस्त तथा डायरिया के लक्षण के साथ मरीज ओपीडी में तेजी से आ रहे है, जिनमें संक्रमण का पता लगाने के लिए जांच कराई जा रही है साथ ही डेंगू के लक्षण के साथ मेउिसिन विभाग में पहंुचे मरीजों को जांच के लिए भेजा जा रहा है।
इस संक्रमण से बचने के लिए बताया गया कि ज्यादातर मच्छर नमी में पनपते है, ऐसे में घर के आसपास पानी न एकत्र होने दे तथा कपडों से शरीर को पूरी तरह ढक कर रखे। कहा गया कि घर पर यदि कूलर या टंकी में काफी समय से पानी भरा है तो उसे हटाये व पीने के पानी के बर्तनों को अच्छे से साफ करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करे तथा रूके, ठहरे पानी पर कीटनाशक का प्रयाग करते रहे।
डेंगू के संक्रमण से बचने के लिए बताया गया कि भीड-भाड वाले क्षेत्रों में मास्क अत्यन्य जरूरी है साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर न थूके। खांसते और छींकते समय मुंह को रूमाल से ढके साथ ही गंदे हाथों से अपनी आंख, नाक व मुंह को न छुऐ। इसके साथ ही कहा बुखार या संक्रमित होने पर कहीं न जाये साथ ही बच्चों में यदि यह लक्षण दिखाई दें तो उन्हे स्कूल न भेजे। संक्रमित होने पर जल्द से जल्द डाक्टर से संपर्क के और इस बीमारी को फैलने से रोके।
कानपुर नगर, ग्रामीण क्षेत्रों के बाद अब डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी का वायरस शहरी क्षेत्रों में भी तेजी के साथ अपने पैर फैला रहा है। शहर के जूही ख्ुार्द, पनकी, अफीमकोठी, गणेशनगर, रावतपुर, गदनपर, चुरसा बिल्हौर, कटरी से सटे कुछ क्षेत्रों में बुखर पीडितों की जांच के दौरान डेूगू की पुष्टि के बाद प्रशासन ने भी जहां कमर कस ली है, वहीं स्वास्थ्य महकमा भी तेजी से सक्रीय हो उठा है। शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 75 हाट स्पाट क्षेत्रों में संचारी रोग व मलेरिया तिभाग की टीम का लगाया गया है।
डेंगू के साथ ही स्वाइन फ्लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ विभाग की टीम बिते कई दिनों से लगातार फील्ड पर बनी हुई है और बुखर तथा संक्रमण से ग्रसित मरीजों की लगातार सैपलिंग की जा रही है। बुखर पीउित मरीजों में बुखार तथा डेंगू की पुष्टि के लिए सैंपलों की जांच जीएसवीएम मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलाजी लैब में कराई जा रही है। शहर के किनारे के क्षेत्रों में किशुनपुर, चैबेपुर, में भी डेूंगू के दो मामले सामने आये थे, तो चैबेपुर क्षेत्र के कई गांवों में भी बुखार का प्रकोप है।
शहर के एलएलआर अस्पताल, उर्सला तथा कांशीराम चिकित्सालय के साथ अन्य प्राइवेट अस्पतालों में भी बुखार व संक्रमण के कारण आने वाले मरीजों का तांता लगा हुआ है। डाक्टरों का कहना है कि उल्टी, दस्त तथा डायरिया के लक्षण के साथ मरीज ओपीडी में तेजी से आ रहे है, जिनमें संक्रमण का पता लगाने के लिए जांच कराई जा रही है साथ ही डेंगू के लक्षण के साथ मेउिसिन विभाग में पहंुचे मरीजों को जांच के लिए भेजा जा रहा है।
इस संक्रमण से बचने के लिए बताया गया कि ज्यादातर मच्छर नमी में पनपते है, ऐसे में घर के आसपास पानी न एकत्र होने दे तथा कपडों से शरीर को पूरी तरह ढक कर रखे। कहा गया कि घर पर यदि कूलर या टंकी में काफी समय से पानी भरा है तो उसे हटाये व पीने के पानी के बर्तनों को अच्छे से साफ करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करे तथा रूके, ठहरे पानी पर कीटनाशक का प्रयाग करते रहे।
डेंगू के संक्रमण से बचने के लिए बताया गया कि भीड-भाड वाले क्षेत्रों में मास्क अत्यन्य जरूरी है साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर न थूके। खांसते और छींकते समय मुंह को रूमाल से ढके साथ ही गंदे हाथों से अपनी आंख, नाक व मुंह को न छुऐ। इसके साथ ही कहा बुखार या संक्रमित होने पर कहीं न जाये साथ ही बच्चों में यदि यह लक्षण दिखाई दें तो उन्हे स्कूल न भेजे। संक्रमित होने पर जल्द से जल्द डाक्टर से संपर्क के और इस बीमारी को फैलने से रोके।




