जेम पोर्टल पर जालसाजी: कानपुर देहात में 4 कंपनियों ने लगाए फर्जी दस्तावेज, बीएसए ने दर्ज कराया मुकदमा
राजेश कटियार
कानपुर देहात। जिले में सरकारी निविदाओं में हेरफेर और जालसाजी करने का एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग में मैनपावर आउटसोर्सिंग सर्विस के तहत सेवा प्रदाताओं के चयन के लिए गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस यानी जेम पोर्टल पर टेंडर आमंत्रित किए गए थे। इस प्रक्रिया में शामिल होने वाली चार बड़ी कंपनियों ने टेंडर हथियाने के लिए फर्जी और कूटरचित ईएमडी दस्तावेज जमा किए थे। जांच में इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने चारों कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की सख्त विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी कानपुर देहात के सख्त निर्देशों के अनुपालन में एक विशेष संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया था। इस टीम में बेसिक शिक्षा विभाग अग्रणी जिला प्रबंधक तथा उपायुक्त (वस्तु एवं सेवा कर / जीएसटी) शामिल थे। संयुक्त टीम ने जब निविदादाताओं द्वारा प्रस्तुत की गई ईएमडी का गहराई से सत्यापन और मिलान किया तो पाया गया कि चार फर्मों ने टेंडर की शर्तों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से फर्जी, जाली और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर विभाग को गुमराह करने की कोशिश की थी।
4 दोषी कंपनियों पर गिरी गाज-
जांच रिपोर्ट में जालसाजी की दोषी पाई गईं चारों कंपनियों के नाम और उनके आधिकारिक पते इस प्रकार हैं- M/s Weaversoft Solutions Private Limited (पता: 101&C संजय गांधी पुरम, फैजाबाद रोड, लखनऊ)
M/s SBNK Enterprises (पता: प्लॉट नंबर- 123, संजय गांधी पुरम, लखनऊ)
M/s AS Infratech (पता: C-4, 14 सुलभ आवास, गोमती नगर विस्तार, उत्तर प्रदेश)
M/s Gangotri Manpower & Security Agency (पता: 554-A गंगोत्री टॉवर, मेरठ रोड, प्रथम तल, करनाल)
भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकदमा दर्ज-
संयुक्त जांच समिति द्वारा फर्जीवाड़े की पुष्टि किए जाने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय द्वारा पूरी विस्तृत आख्या और पत्रावली जिलाधिकारी के समक्ष अंतिम निर्णय हेतु प्रस्तुत की गई। जिलाधिकारी से विधिक कार्यवाही और इन कंपनियों को हमेशा के लिए प्रतिबंधित करने की मंजूरी मिलते ही प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार इन चारों धोखेबाज फर्मों को जेम पोर्टल पर पूरी तरह ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। इसके साथ ही इनके खिलाफ नए दंडात्मक कानून भारतीय न्याय संहिता 2023 की सुसंगत और गंभीर धाराओं के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर विधिक अभियोग दर्ज करा दिया गया है।
प्रशासन की इस बेहद त्वरित और सख्त कार्यवाही से सरकारी टेंडरों में हेरफेर करने वाले सिंडिकेट और फर्जी दस्तावेजों के सहारे ठेके हासिल करने वाली कंपनियों के बीच हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि सरकारी प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जाएगा।




