सीएसए का 28वां दीक्षांत समारोह संपन्न, वितरित हुए 33 पदक एवं 372 उपाधियां, छात्र हुए प्रफुल्लित
कानपुर नगर, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के ऑडिटोरियम हॉल (कैलाश भवन) में कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की श्राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी की अध्यक्षता में 28वें दीक्षांत समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर 27 मेधावियों को 33 पदक एवं पुरस्कार दिए गए।कुल 372 छात्र छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गई। इनमें 69 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि,179 को बीएससी कृषि, बीएससी उद्यान 28, बीएससी फॉरेस्ट्री के 19 तथा विश्वविद्यालय 10 को बीएससी कम्युनिटी साइंस, 52 को बीटेक की विभिन्न शाखाओं में तथा 8 को बीएफएससी,7 बीटेक डेरी टेक्नोलॉजी की डिग्री दी गई। उपाधियां और मेडल पाकर छात्र-छात्राएं झूम उठे। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 09 छात्र छात्राओं को कुलाधिपति स्वर्ण पदक , 09 छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय रजत पदक, 09 छात्र छात्राओं को विश्वविद्यालय कांस्य पदक एवं 06 छात्र छात्राओं को प्रायोजित स्वर्ण पदक से नवाजा गया। कुल 27 छात्र छात्राओं को 33 पदक दिए गए। इसमें 19 पदक छात्रों ने (57.58 %) तथा छात्राओं ने 14 पदक (42.42%) प्राप्त किये। कार्यक्रम की अध्यक्ष प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्य अतिथि श्री इंद्र मणि पाण्डेय महासचिव (बिम्सटेक) बंगाल की खाड़ी बहू क्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग पहल तथा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर संजीव गुप्ता ने मेधावियों को पदक दिए। इस दौरान पदक धारकों की तस्वीर कुलाधिपति एवं अतिथियों के साथ ली गई। इस अवसर पर एक से अधिक पदक कई छात्र छात्राओं को मिले। राज्यपाल एवं कुलाधिपति महोदया द्वारा इस अवसर पर संबिलियन विद्यालय/माध्यमिक विद्यालय कानपुर देहात, रायबरेली, औरैया, के विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी 03 छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र,पुस्तकें, पेन, एवं बैग आदि भेंट की। तथा सभी को चॉकलेट भी दी। तथा जनपद फर्रुखाबाद की 05 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट भेंट की। मुख्य विकास अधिकारी फर्रुखाबाद एवं पुलिस क्षेत्र अधिकारी को प्रमाण पत्र दिया गया। जबकि काशीपुर इंटर कॉलेज कानपुर देहात एवं संविलियन विद्यालय अनूपपुर कानपुर देहात के प्रधानाध्यापक को गवर्नर हाउस से आई पुस्तके भी भेंट की गई।सर्व प्रथम कुलपति ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। तथा शिक्षण, शोध एवं प्रसार कार्यों के नवाचारो के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभी मंत्रिमंडल द्वारा रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना हेतु स्वीकृत प्रदान की गई है। कुलपति ने कहा की विश्वविद्यालय में रेलवे के सहयोग से रेल यात्रा में छात्र-छात्राओं को आने-जाने के लिए विशेष छूट प्रदान की गई है। उन्होंने कहा 3.5 करोड़ रूपया पुस्तकालय के आधुनिकीकरण हेतु स्वीकृत हुए हैं।इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री इंद्र मणि पाण्डेय महासचिव (बिम्सटेक) बंगाल की खाड़ी बहू क्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग पहल ने छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि इस विश्वविद्यालय द्वारा दलहन, तिलहन एवं खाद्यान्न फसलों की 300 से अधिक प्रजातियां निकालकर कृषि क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किया है। तथा हरित क्रांति में इस विश्वविद्यालय का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने उपस्थित वैज्ञानिकों तथा छात्रों से कहा कि हमें मांग के अनुरूप शोध करने की आवश्यकता है तथा दलहन और तिलहन फसलों में आत्मनिर्भर होना जरूरी है,साथ ही वैज्ञानिकों से आवाहन किया कि जलवायु अनुकूल प्रजातियां का विकास करें।उन्होंने गुणवत्ता युक्त कृषि उत्पाद के लिए कृषि विविधीकरण पर बल दिया। इस अवसर पर कुलाधिपति एवं श्रीराज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने डिजिलॉकर में 372 डिग्रियों को अपलोड किया। तथा सभी उपाधि धारक छात्र छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की रैंकिंग सुधारने की अति आवश्यकता है। इसके लिए वैज्ञानिकों/अधिकारियों/छात्र छात्राओं को अथक मेहनत करनी होगी। उपाधि धारक छात्र छात्राओं का आवाहन करते हुए कहा कि देश में आपके नवाचारों की अति आवश्यकता है साथ ही उन्होंने उपस्थित वैज्ञानिकों से कहा कि श्रीअन्न (मिलेट्स) के क्षेत्रफल को बढ़ावा दिया जाए। डिग्री धारक छात्र छात्राओं से कहा कि वह अपने गांव में अपने खेतों पर जैविक और प्राकृतिक खेती करें। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि लागत को कम किया जाए तथा गौ आधारित प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती को अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन दीदी एवं कृषि सखियों के भी चयन से कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी। कुलाधिपति ने कहा कि कृषि में ए आई( कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के प्रयोग से किसानों आमदनी में बदलाव होगा। उन्होंने पदक एवं डिग्री धारक छात्र छात्राओं से आवाहन किया कि वे अपने अनुभवों को तथा नवाचारों को खेतों तक अवश्य पहुंचाएं। भारत की आत्मा,गांव में बसती है गांव की आत्मा किसानों में बसती है इसलिए प्रयोगशाला के नवाचारों को किसानों तक अवश्य पहुंचाया जाए।दीक्षांत समारोह के दौरान उत्कृष्ट अध्यापन एवं शैक्षणिक योगदान हेतु चार शिक्षकों को “उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान” प्रदान किया गया।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा लिखित 09 पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ विनीता सिंह एवं डॉ नौशाद खान ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर विधायक (सदस्य विधान परिषद) एव बोर्ड के सदस्य, श्री सलिल विश्नोई जी,जिला प्रशासन के अधिकारी गण,सभी अधिष्ठाता गण, निदेशक गण, विभागाध्यक्ष एवं सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
हरिओम की रिपोर्ट




