मौसम सुहावना होने के बावजूद चिडियांघर में नही आ रहे दर्शक
– उमस भरी गर्मी के कारण लगातार घट रही जू में दर्शकों की संख्या
– बहुत कम निकल रहे बाडों से जानवरी
कानपुर नगर, कानपुर चिडियाघर में वर्तमान में दर्शक कम पहुंच रहे है। कारण सीधा है उमस भरी गर्मी। पहले लू-और गर्मी के कारण आने वाले दर्शकों की संख्या कम हुई थी और अब उमस दर्शकों को रोक रही है। कुछ दर्शकों ने बात-चीत के दौरान बताया कि बारिश के बाद वह परिवार के साथ यहां पहुंचे लेकिन वह उमस भरी गर्मी में बेहाल हो गये। वहीं बाडों से जानवार बाहर नही आ रहे है। पंक्षियों और जलजीवों को ही देखा जा सकता है। बडे और मुख्य जानवर गर्मी के कारण बाडों में ही है।
चिडियाघर में वर्तमान में दर्शक कम पहुंच रहे है। बीते एक सप्ताह में बारिश के बाद जहां तपती गर्मी में कुछ राहत पहुंची तो वहीं अब उसम भरी गर्मी के कारण लगातार दर्शकों की संख्या घट रही है। जो दर्शक चिडियाघर पहुंच भी रहे है वह गर्मी के कारण बेहाल दिखे। शुक्लागंज से आये एक दर्शक गोविन्द ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ यहां आये लेकिन गर्मी के कारण वह सभी बेहाल हो गये है। जू पूरी तरह घूमने की गर्मी के कारण इच्छा समाप्त हो गयी है। वहीं जल जीवों और पंिक्षंयों के बाडों को देख लिया है, बडे जानवर अपने बाडांे में ही कैद है। गांधीग्राम के दिनेश गुप्ता ने बताया कि गर्मी बहुत है। बहुत कम समय बिताने के बाद हम सभी वापस जा रहे है, जब गर्मी और कम होगी तब दुबारा घूमने आयेंगे। कुछ घूमने आये लोगों ने कहा कि सुबह और शाम ही जू में आया जा सकता है यदि सुबह आठ बजे से जू खोला जाये तो दर्शक दोपहर तक अपने गंतव्य को वापस जा सकते है इसी प्रकार शाम का भी समय बढाया जाये। वहीं जू प्रशासन का कहना है कि तपती गर्मी तो कम हुई है लेकिन बारिश के बाद निकली धूप और उमस के कारण अधिकांश जानवर बाडे में ही रहते है वहीं सुबह और शाम जानवर बाहर आते है। बदले मौसम और उमसभरी गर्मी के बीच जानवरों की देखभाल भलि प्रकार से की जा रही है तथा उनके खान-पान के साथ स्वास्थ्य पर भी बारीकी से नजर रखी जा रही है। बताया गया कि यह सच है कि वर्तमान में जू में दर्शकों की संख्या में कुछ कमी आयी है, जिसका कारण गर्मी है वहीं जुलाई तक जू खुलने का समय सुबह नौ बजे से शाम साढे पांच बजे का है। बताया कि नवम्बर से सुबह नौ बजे से शाम साढे चार बजे तक जू का समय रहेगा।
हरिओम की रिपोर्ट




