चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और अभ्युदय सेवा संस्थान के बीच पांच वर्षीय एमओयू
की
– युवाओं के कौशल विकास पर रहेगा फोकस
– महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कार्यों पर होगा काम
उन्नाव। शिक्षा, कौशल विकास, छात्र कल्याण और सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश और अभ्युदय सेवा संस्थान के बीच पांच वर्षों के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के तहत विद्यार्थियों के शैक्षणिक, सामाजिक और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संयुक्त रूप से संचालित की जाएंगी। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.डॉ. हर्षल शाह और अभ्युदय सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रभात सिन्हा ने हस्ताक्षर किए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्युदय सेवा संस्थान की पूरी टीम का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया। वहीं इस मौके पर अभ्युदय सेवा संस्थान की ओर से उपाध्यक्ष प्रेम सिंह सेंगर, डॉ. मनीष सेंगर, सचिव अनिरुद्ध सौरभ, वरिष्ठ संरक्षक प्रो. मनोज श्रीवास्तव एवं संरक्षक अखिलेश ओमर उपस्थित रहे। वहीं विश्वविद्यालय की ओर से एसोसिएट डीन डॉ. गुरमिंदर कौर, निदेशक डॉ. बृजेंद्र सिंह यादव, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक कुमार सिंह, एसोसिएट डीन डॉ. अतुल कुमार, निदेशक डॉ. सुधीर कुमार चतुर्वेदी तथा छात्र कल्याण विभाग के आयुष मिश्रा, माधव त्रिपाठी और अंकित शर्मा मौजूद रहे।एमओयू के तहत महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, साइबर जागरूकता, स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर, इंटर्नशिप, शोध एवं सामुदायिक सेवा परियोजनाएं, करियर काउंसलिंग, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, उन्नत भारत अभियान तथा युवा स्वयंसेवा जैसे कार्यक्रम संयुक्त रूप से आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें व्यावहारिक अनुभव भी उपलब्ध कराया जाएगा। संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रभात सिन्हा ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्र कल्याण विभाग के साथ यह साझेदारी संस्थान के लिए गौरव की बात है। यह समझौता युवाओं की प्रतिभाओं को निखारने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और उनमें सेवा भावना व सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं उपाध्यक्ष डॉ. मनीष सेंगर ने कहा कि अभ्युदय सेवा संस्थान अपने अनुभव और सामाजिक प्रतिबद्धताओं के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा राष्ट्र निर्माण की दिशा में निरंतर सक्रिय सहयोग प्रदान करता रहेगा। वरिष्ठ संरक्षक डॉ मनोज श्रीवास्तव ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगी। इस समझौते के साक्षी के रूप में उपाध्यक्ष प्रेम सिंह सेंगर ने इसे जनपद के लिए शुभ संकेत बताया। सचिव अनुरुद्ध सौरभ व अखिलेश ओमर ने इस समझौते को दोनों पक्षों के सतत् सहयोग व योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने से पिछड़े क्षेत्रों के लिए भी लाभकारी बताया। अंत में विश्विद्यालय की एसोसिएट डीन डॉ. गुरमिंदर कौर ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।




