हिंदुस्तान के 16 साहित्यकारों को मध्यप्रदेश की भूमि गाडरवारा में अखिल भारतीय साहित्य चेतना सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया।
झांसी की बृजलता मिश्रा और गुजरात के जश भाई हुए सम्मानित।
गाडरवारा।
चेतना साहित्य मंच के तत्वाधान मेें अखिल भारतीय साहित्य सम्मान एवं कृति विमोचन का आयोजन पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम गाडरवारा में आयोजित किया गया ।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ने की।इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य एवं पूर्व विधायक साधना स्थापक,वरिष्ठ समाजसेवी मिनेन्द्र डागा,शिक्षाविद् अभिलाषा शर्मा एवं नवोदयन समिति,नरसिंहपुर के संरक्षक हरीश कुमार कोरी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ मॉं सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। सुनील तन्हा ने बहुत सुंदर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मंचस्थ सभी मुख्य अतिथियों का स्वागत किया गया।
चेतना के सरंक्षक मिनेन्द्र डागा ने अपने स्वागत भाषण मेेें देश के विभिन्न अंचलों से आए हुए साहित्यकारों का शाब्दिक स्वागत करते हुए कहा कि गाडरवारा ओशों की उर्जा से पूर्ण एवं मॉं नर्मदा के आंचल से सिंचित भूमि हैं। जहॉं साहित्य के प्रति अनूठा उत्साह हमेशा महसूस किया जाता है।इस भव्य आयोजन में साहित्यकार कुशलेन्द्र श्रीवास्तव की चार कृतियां कहानी संग्रह-श्याम टाकीज,पुरानी गल्ला मंडी,सोमवार सात अगस्त; उपन्यास खसुआ और अभिलाषा शर्मा का काव्य संग्रह ‘‘अभिव्यक्ति’ का विमोचन भी किया गया।कुशलेन्द्र श्रीवास्तव की 67 कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं।वेणी शंकर पटेल ने इन चारों कृतियों की समीक्षा प्रस्तुत की वहीं अभिलाषा शर्मा की कृति की समीक्षा श्रीमती अनुराधा यादव ने प्रस्तुत करते हुए कृतियों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।श्रीमती साधना स्थापक ने अपने संबोधन मेें कृतिकारों को बधाई देते हुए कहा कि यह क्षेत्र साहित्य से समृद्ध क्षेत्र है ।उन्होने अपील की हम सभी को निरंतर स्वाध्याय करते रहने की आदत डालनी चाहिए।धर्म ग्रंथ से लेकर अन्य साहित्य हमेें उर्जा देता है।कार्यक्रम के अध्यक्ष कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ने अपनी विमोचित कृतियों की चर्चा करते हुए कहा कि श्याम टाकीज और पुरानी गल्ला मंडी कहानी संग्रह गाडरवारा के अतीत का शाब्दिक चित्रण है।हर एक साहित्यकार का दायित्व है कि वह लेखन के साथ-साथ पाठकों को भी जोड़ता चले तब ही लेखन की सार्थकता है।उन्होने आधुनिक टेक्नोलॉजी ‘एआई’ के प्रति भी गंभीरता से चिन्तन करने की अपील की ताकि साहित्य मेें मौलिकता और हमारे चिन्तन मनन की दिशा न भटके।हरीश कोरी ने सभी रचनाकारों को और सम्मानित होने वाले साहित्यकारों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह कारवां आगे बढ़ता रहेगा।अभिलाषा शर्मा ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस समारोह में देश के विभिन्न शहरों से आए साहित्यकारों को अखिल भारतीय चेतना साहित्य सम्मान मंचासीन अतिथियों द्वारा प्रदान किए गए।स्व.श्रीमती प्रतिभा श्रीवास्तव समग्र साहित्य सम्मान झांसी की साहित्यकार डॉ श्रीमती ब्रजलता मिश्रा; स्व. प्रेमनारायण त्रिपाठी चेतना साहित्य सम्मान उपन्यास विधा के लिए गुजरात के श्री जश भाई को उनके उपन्यास ‘‘मौत की देवी’’; स्व.रमेश गुप्ता साहित्य सम्मान युवा कवि साहित्यकार के लिए नोएडा की श्रीमती स्वाति शर्मा अतुल को उनकी कृति ‘काव्य सुधा’; स्व.रामसागर स्वामी साहित्य सम्मान कहानी संग्रह के लिए भोपाल की डॉ अनीता सिंह चौहान को उनकी कृति ‘‘टूटते इंन्द्रधनुष’’ एवं राकेश माहेश्वरी नरसिंहपुर को उनके कहानी संग्रह ‘‘मुस्कान की करवटें’’ के लिए संयुक्त रूप् से; स्व.जगदीश पाटकर साहित्य सम्मान प्रो.डॉ मनोज कुमार कैन पीजीडीएवी कालेज दिल्ली को उनके नाटक संग्रह ‘‘संशय के दिन और अन्य एकांकी’’; स्व. रूपराम सोनी साहित्य सम्मान गजल संग्रह के लिए श्रीमती जीनत अहसान कुरैशी मुंबई को उनके गजल संग्रह ‘‘तेरी याद मेें’’ ;स्व. रेवाप्रसाद नेमा साहित्य सम्मान बाल साहित्य के लिए बस्ती उत्तर प्रदेश के श्री देवेन्द्र श्रीवास्तव को उनकी कृति ‘‘देश की मिट्टी है अनमोल’’; स्व.श्रीराम साहू साहित्य सम्मान श्रीमती निरुपमा खरे भोपाल को ‘‘मन बंजारा’’; स्व.हुल्कर सिंह साहित्य सम्मान मेरठ उत्तर प्रदेश की साहित्यकार श्रीमती सीमा गर्ग को उनकी कृति ‘‘मंजरी दोहा मणिमाला’’; स्व.प्रभुदयाल खरे स्मृति साहित्य सम्मान डॉ एम.एस.श्रीवास्तव पृथ्वीपुर को उनकी बुन्देली कृति ‘‘ग्यान के गुरिया’’ और श्री राजगोस्वमी दतिया को उनकी कृति ‘‘गई भैंस पानी मेें’’ के लिए संयुक्त रूप से: स्व.मुन्नीबाई सोनी साहित्य सम्मान श्रीमती मीना भट्ट जबलपुर को उनकी कृति ‘‘पंख पसारे पक्षी’ ओर श्रीमती सिद्धेश्वरी सराफ”शीलू”जबलपुर को उनकी कृति ‘‘गीत सरिता’’ के लिए संयुक्त; स्व.गंगादेवी साहित्य सम्मान डॉ नीना छिब्बर जोधपुर को उनकी कृति ‘‘सतोलिया’’; स्व. विमला देवी शर्मा साहित्य चेतना सम्मान श्रीमती पद्माक्षी सुरेश शुक्ला “अक्षि”को उनके खंड काव्य ‘‘अवधूत’’ के लिए प्रदान किया गया।सम्मान मेें 3100/ की नगद राशि, प्रश्तिपत्र,स्मृति चिन्ह,शाल श्रीफल से मंचासीन अतिथियों और जिनके नाम पर सम्मान दिया गया है उनके परिजनों द्वारा प्रदान किया गया।
देश के विभिन्न क्षेत्रों से आई लगभग सौ प्रविष्टियों का निष्ठापूर्वक निर्णय करने वाले निर्णायक टीम के सदस्य डॉ उमाकांत कपिध्वज एवं वरिष्ठ साहित्यकार नरेन्द्र श्रीवास्तव को भी सम्मानित किया गया । इस अवसर पर वीरांगना क्लब की बच्चियों को विभिन्न खेलों में उनकी शानदार उपलब्धि के लिए प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया । चेतना संस्था के सहयोगी पोषराज मेहरा,निहाल छीपा, तरूण गुर्जर,अखिलेश साहू, बृजबिहारी विराट,ध्यानसिंह, अंबर स्वामी,दीपक गुप्ता, शिशिर पाटकर,वंदना सोनी विनम्र जबलपुर आदि का सम्मान किया गया।कार्यक्रम मेें दूरदराज से आए अतिथि एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।नगेन्द्र त्रिपाठी ने सभी का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम का जबरदस्त संचालन विजय बेशर्म ने किया ।





