*Petrol Diesel Latest News: सरकार का सुबह सुबह पेट्रोल डीजल पर बड़ा आदेश जारी, नोटिफिकेशन भी आया*
दरअसल, सरकार का कहना है कि देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की बिक्री अचानक बहुत तेजी से बढ़ गई थी. जांच में पता चला कि इसके पीछे आम लोग नहीं, बल्कि बड़े औद्योगिक, कमर्शियल और संस्थागत ग्राहक थे.
*अब नया नियम क्या कहता है*
सरकार ने साफ कर दिया है कि औद्योगिक, कमर्शियल और संस्थागत ग्राहक अब पेट्रोल पंपों से पेट्रोल यानी मोटर स्पिरिट और डीजल यानी हाई स्पीड डीजल नहीं खरीद सकेंगे. उन्हें अपनी जरूरत का ईंधन अपने तय कंज्यूमर पंपों से ही लेना होगा. मतलब साफ है कि अगर कोई बड़ी कंपनी पेट्रोल पंप से ड्रम भरवाकर डीजल ले जाती थी, तो अब वह ऐसा नहीं कर पाएगी.
*आम आदमी पर क्या असर होगा*
अगर आप अपनी बाइक, कार, ऑटो, ट्रैक्टर या निजी वाहन में डीजल-पेट्रोल भरवाते हैं, तो आपके लिए कुछ नहीं बदलेगा. आप पहले की तरह पेट्रोल पंप से ईंधन भरवा सकेंगे.सरकार का कहना है कि यह फैसला असल में आम ग्राहकों की सुविधा बचाने के लिए लिया गया है.
*डीजल खरीदने वालों के लिए नया नियम*
अब पेट्रोल पंप डीलर डीजल सिर्फ दो तरीके से ही दे सकेंगे. सीधे वाहन के टैंक में. PESO से मंजूर कंटेनर में. इतना ही नहीं, एक ग्राहक या एक वाहन को एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं दिया जाएगा. और सबसे अहम बात, इस डीजल को आगे बेचने की इजाजत भी नहीं होगी.
अगर किसान अपने ट्रैक्टर में डीजल भरवाने जाते हैं, तो उन पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा… लेकिन अगर कोई बड़ी मात्रा में कंटेनर के जरिए डीजल खरीदना चाहता है, तो उसे नए नियमों का पालन करना होगा.
*पेट्रोल पंप मालिकों की जिम्मेदारी भी बढ़ी*
सरकार ने सिर्फ ग्राहकों को ही नहीं, बल्कि तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप डीलरों को भी जिम्मेदार बनाया है. उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी इन नियमों को तोड़कर डीजल या पेट्रोल की खरीदारी न कर सके. अगर कोई नियमों को दरकिनार करने की कोशिश करता है, तो उसे रोकना भी उनकी जिम्मेदारी होगी.
*यह नियम कब तक लागू रहेगा?*
यह आदेश स्थायी नहीं है. सरकार ने इसे शुरुआत में सिर्फ 90 दिनों के लिए लागू किया है. अगर हालात सामान्य हो जाते हैं, तो इसे वापस लिया जा सकता है. लेकिन अगर सरकार को जरूरत महसूस हुई, तो नया आदेश जारी करके इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है.
*सरकार ने यह फैसला क्यों लिया*
नोटिफिकेशन में साफ लिखा गया है कि दुनिया के कुछ हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई चेन और शिपिंग लॉजिस्टिक्स पर असर पड़ रहा है. ऐसे में उपलब्ध ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करना जरूरी हो गया है. इसी वजह से सरकार ने यह अस्थायी व्यवस्था लागू की है.
*आखिर आम आदमी को क्या समझना चाहिए*
इस पूरे फैसले का मतलब सिर्फ इतना है कि सरकार पेट्रोल पंपों को आम लोगों के लिए सुरक्षित रखना चाहती है.
यानी आपकी कार, बाइक या ट्रैक्टर में पहले की तरह पेट्रोल और डीजल मिलता रहेगा. लेकिन बड़ी कंपनियां अब पेट्रोल पंपों को सस्ते थोक बाजार की तरह इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी.
दूसरे शब्दों में कहें तो सरकार ने बड़े खरीदारों के लिए अलग लाइन बना दी है, ताकि आम आदमी को पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े.
फिलहाल यह 90 दिनों का अस्थायी इंतजाम है, लेकिन अगर हालात बिगड़ते हैं, तो इसकी अवधि बढ़ भी सकती है.




