प्रदेश सरकार वापस ले निबंधन पंजीकरण व्यवस्था के बटवारा का आदेश, सौंपा ज्ञापन
कानपुर नगर, अधिवक्ता कल्याण संघर्ष समित के नेतृत्व में अधिवक्तागण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे जहां पर बोलते हुए संयोजक पं रवीन्द्र शर्मा पूर्व अध्यक्ष लॉयर्स एसोसिएशन ने बताया कि निबंधन दस्तावेजों का पंजीकरण निबंधन कार्यालय कोर्ट परिसर में होता था
महानिरीक्षक निबंधन उत्तर प्रदेश लखनऊ के आदेश से अब विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
शर्मा ने कहा इस आदेश का हम घोर विरोध करते है इस प्रणाली से निबंध दस्तावेजों की विधि गुणवत्ता समाप्त हो जाएगी जिससे तमाम वाद विवाद उत्पन्न होंगे इस तरह की कार्यप्रणाली आने से निबंधन कर्ताओं को अपने अधिवक्ताओं को लाने ले जाने में अधिक व्यय करना पड़ेगा,जो सस्ते और सुलभ न्याय सिद्धांत के विपरीत होने के साथ अधिवक्ता हितों के भी विपरीत है। इस योजना से रजिस्ट्री का कार्य करने वाले अधिवक्ताओं के कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
हमें ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार धीरे-धीरे अधिवक्ताओं के कार्यों को सीमित कर रही है
एमिकस क्यूरी समाप्त कर दिए गए तहसील के काम भी छीन लिए गए और अब निबंधन पंजीकरण विभिन्न संस्थाओं को देने से अधिवक्ताओं के कार्यों पर असर पड़ेगा।जिसको अधिवक्ता समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा । कहा हमारी मुख्यमंत्री से मांग है कि निबंधन कर्ताओं और अधिवक्ता हित में निबंधन की शुरू की जारही नई व्यवस्था को समाप्त कर चली आ रही व्यवस्था को ही यथावत रखें। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर कहा कि आपका प्रतिवेदन कार्यवाही हेतु मुख्यमंत्री जी को भेज दिया जाएगा। इस दौरानसंजीव कपूर, राकेश सिद्धार्थ, शिवम गंगवार, आयुष शुक्ला, इंद्रेश मिश्रा, साजिद खान, सुधीर शर्मा ,चैतन्य जायसवाल, अमर दीप वर्मा, शाहिद जमाल ,वीर जोशी आदि उपस्थित रहे। प्रदेश सरकार वापस ले निबंधन पंजीकरण व्यवस्था के बटवारा का आदेश, सौंपा ज्ञापन
कानपुर नगर, अधिवक्ता कल्याण संघर्ष समित के नेतृत्व में अधिवक्तागण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे जहां पर बोलते हुए संयोजक पं रवीन्द्र शर्मा पूर्व अध्यक्ष लॉयर्स एसोसिएशन ने बताया कि निबंधन दस्तावेजों का पंजीकरण निबंधन कार्यालय कोर्ट परिसर में होता था
महानिरीक्षक निबंधन उत्तर प्रदेश लखनऊ के आदेश से अब विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
शर्मा ने कहा इस आदेश का हम घोर विरोध करते है इस प्रणाली से निबंध दस्तावेजों की विधि गुणवत्ता समाप्त हो जाएगी जिससे तमाम वाद विवाद उत्पन्न होंगे इस तरह की कार्यप्रणाली आने से निबंधन कर्ताओं को अपने अधिवक्ताओं को लाने ले जाने में अधिक व्यय करना पड़ेगा,जो सस्ते और सुलभ न्याय सिद्धांत के विपरीत होने के साथ अधिवक्ता हितों के भी विपरीत है। इस योजना से रजिस्ट्री का कार्य करने वाले अधिवक्ताओं के कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
हमें ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार धीरे-धीरे अधिवक्ताओं के कार्यों को सीमित कर रही है
एमिकस क्यूरी समाप्त कर दिए गए तहसील के काम भी छीन लिए गए और अब निबंधन पंजीकरण विभिन्न संस्थाओं को देने से अधिवक्ताओं के कार्यों पर असर पड़ेगा।जिसको अधिवक्ता समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा । कहा हमारी मुख्यमंत्री से मांग है कि निबंधन कर्ताओं और अधिवक्ता हित में निबंधन की शुरू की जारही नई व्यवस्था को समाप्त कर चली आ रही व्यवस्था को ही यथावत रखें। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर कहा कि आपका प्रतिवेदन कार्यवाही हेतु मुख्यमंत्री जी को भेज दिया जाएगा। इस दौरानसंजीव कपूर, राकेश सिद्धार्थ, शिवम गंगवार, आयुष शुक्ला, इंद्रेश मिश्रा, साजिद खान, सुधीर शर्मा ,चैतन्य जायसवाल, अमर दीप वर्मा, शाहिद जमाल ,वीर जोशी आदि उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार वापस ले निबंधन पंजीकरण व्यवस्था के बटवारा का आदेश, सौंपा ज्ञापन
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