*परमट स्कूल विवाद पर सियासी भूचाल: विधायक अमिताभ बाजपेई ने उतारा कुर्ता, नंगे पैर संघर्ष का ऐलान*

*“स्कूल बने बिना नहीं पहनूंगा चप्पल-कुर्ता”नजरबंदी के बीच विधायक का बड़ा संकल्प*
*इरफान सोलंकी और सोहेल अंसारी के पहुंचते ही गरमाई राजनीति, पुलिस-प्रशासन में मचा हड़कंप*
कानपुर की सियासत बीते बुधवार को उस वक्त उबाल पर पहुंच गई, जब आर्यनगर से समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई ने परमट प्राथमिक विद्यालय निर्माण को लेकर अपने आंदोलन को अभूतपूर्व और बेहद आक्रामक मोड़ दे दिया। पुलिस की कड़ी नजरबंदी और आवास के बाहर भारी फोर्स तैनाती के बीच विधायक ने समर्थकों के सामने अपना कुर्ता उतारकर फेंक दिया और ऐलान किया कि जब तक परमट का सरकारी प्राथमिक विद्यालय बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक वह पैरों में चप्पल नहीं पहनेंगे और शरीर के ऊपरी हिस्से पर कोई वस्त्र धारण नहीं करेंगे। विधायक ने हाथ में डमरू लेकर प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरते हुए कहा कि “यह डमरू सोए हुए सिस्टम को जगाने के लिए है।” उनके इस अनोखे विरोध ने पूरे शहर की राजनीति में हलचल मचा दी। आवास के बाहर जुटे समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की और सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज कर दिया।विधायक के समर्थन में सपा के वरिष्ठ नेता इरफान सोलंकी और सोहेल अंसारी भी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया। नेताओं की मौजूदगी से प्रशासन की बेचैनी बढ़ गई और आनन-फानन में एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार व एडीसीपी सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह भारी पुलिस बल और पीएसी के साथ विधायक आवास पहुंच गए। अधिकारियों और विधायक के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। जब पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था का हवाला दिया तो अमिताभ बाजपेई ने दो टूक कहा, “इतनी ताकत अगर स्कूल निर्माण में लगाई होती, तो मुझे यह आंदोलन न करना पड़ता।” सपा नेताओं का आरोप है कि परमट स्थित पुराने सरकारी विद्यालय को जर्जर बताकर गिराया गया और अब उस जमीन पर भू-माफियाओं की नजर है। विधायक ने चेतावनी दी कि यह लड़ाई अब सिर्फ स्कूल की नहीं, बल्कि जनता के अधिकार और सरकारी जमीन बचाने की लड़ाई बन चुकी है।दिनभर विधायक आवास के बाहर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। भारी पुलिस बल, बैरिकेडिंग और पीएसी की तैनाती के बीच पूरा इलाका छावनी में तब्दील नजर आया। विधायक के “अर्धनग्न संघर्ष” और नंगे पैर आंदोलन के ऐलान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। माना जा रहा है कि इरफान सोलंकी और सोहेल अंसारी के खुलकर समर्थन में आने के बाद यह मुद्दा अब लखनऊ तक गूंज सकता है। वहीं प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और शासन को पल-पल की रिपोर्ट भेजी जा रही है।




