मेधावी लेकिन गरीब विद्यार्थी अगर आईएएस, आईपीएस अधिकारी बनना चाहते हैं या राज्य सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास करना चाहते हैं !
तो करनाल के सिख समाज ने उनकी मदद करने का निश्चय किया है। बाबा जुझार सिंह गुरमत ट्रस्ट की और से शुरू किए गए अकाल आईएएस अकैडमी में ऐसे बच्चों के लिए निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है।
इस संबंध में आज संस्थान में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य प्रबंधक व ट्रस्टी कुलवंत सिंह रिटायर्ड हेडमास्टर ने बताया कि अकाल आईएएस अकैडमी की शुरुआत मात्र तीन वर्ष पूर्व की गई थी एयर पहले बैच में से भी दो बच्चों ने यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा की प्रीलिमनरी को पास कर लिया है और अब मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अकैडमी में दिल्ली व चंडीगढ़ से सक्षम टीचर्स रखे गए हैं। नए सेशन के लिए विद्यार्थी 29 मई तक आवेदन दे सकते हैं जिसके बाद 31 मई को एंट्रेंस टेस्ट होगा और उसे पास करने वाले 30 बच्चों को सिविल सर्विस परीक्षा के लिए तैयारी करवाई जाएगी। यह संस्थान महाराणा प्रताप चौक से जी टी रोड की और जाते हुए पुराने के आर सिनेमा के सामने बना हुआ है।
ट्रस्टी गुरविंदर सिंह ने बताया कि अकाल आईएएस अकैडमी में किसी भी धर्म, जाति व क्षेत्र का विद्यार्थी दाखिला ले सकता है। जहाँ सभी बच्चों को कोचिंग निशुल्क दी जाती है वहीं बाहर से आने वाले विद्यार्थियों के रहने खाने की व्यवस्था भी जरूरत अनुसार की जाती है। समाज सेवी गुरमेज सिंह ने बताया कि इस संस्थान में फंड्स की व्यवस्था ट्रस्टियों द्वारा व्यक्तिगत फण्ड से अथवा दानी सज्जनों के सहयोग से की जाती है, विद्यार्थी पर बोझ नहीं डाला जाता। प्रेस वार्ता में समाज सेवी प्रीतपाल सिंह पन्नु ने बाबा जुझार सिंह गुरमत ट्रस्ट के इस कार्य को बेहद नेक व प्रशंसनीय बताया और समाज के लोगों से आगे आकर मदद करने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों को करनाल में शुरू हुई इस पहल का लाभ उठाने की सलाह भी दी।
आज की प्रेस वार्ता में कुलवंत सिंह, गुरविंदर सिंह, गुरमेज सिंह, राजवंत सिंह, एडवोकेट मंजीत सिंह वोहरा, हरजीत सिंह वोहरा, प्रेम संदूजा, प्रीतपाल सिंह पन्नु शामिल रहे।
राजेन्द्र करनाल की रिपोर्ट




