गणित के लंबे प्रश्नों से छात्रों का चकराया सिर, कई के छूटे सवाल
डिस्ट्रिक हेड: राहुल द्विवेदी
कानपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं कक्षा की गणित परीक्षा ने सोमवार को छात्रों के पसीने छुड़ा दिए। परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर निकले कई छात्रों ने प्रश्नपत्र को लंबा, कठिन और ट्रिकी बताया। छात्रों का कहना था कि पेपर इतना विस्तृत था कि समय प्रबंधन करना मुश्किल हो गया और कई सवाल अधूरे छूट गए।
परीक्षा के बाद छात्रों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर पिछले वर्षों की तुलना में अधिक कठिन लगा। कई सवाल पूरी तरह कॉन्सेप्ट आधारित थे, जिनके हल के लिए गहरी समझ और अधिक समय की जरूरत पड़ी। लंबा पेपर होने के कारण अधिकांश छात्र सभी प्रश्नों को समय पर हल नहीं कर पाए।
शिक्षकों का कहना है कि CBSE पिछले कुछ वर्षों से कॉन्सेप्ट आधारित और विश्लेषणात्मक प्रश्नों पर अधिक जोर दे रहा है। इसी कारण प्रश्नपत्र छात्रों को कठिन लग सकता है। उनका मानना है कि जिन छात्रों की अवधारणाएं मजबूत हैं, उन्हें ऐसे प्रश्नों से फायदा मिलता है।
हालांकि कुछ शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रयागराज रीजन के प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत कठिन बनाए जाते हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में सरल सवाल पूछे जाते हैं।
छात्रों की प्रतिक्रिया
“यह बोर्ड का पेपर कम और किसी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर ज्यादा लग रहा था। प्रश्नपत्र काफी कठिन और विस्तृत था।”
— शिवांशी, जुगल देवी
“पिछले साल के मुकाबले इस बार पेपर ज्यादा कठिन आया। कई सवाल ट्रिकी थे और उन्हें हल करने में काफी समय लगा।”
— ऋषि जायसवाल, सनातन धर्म एजुकेशन सेंटर




