चाची के बेडरूम में घुसा 17 साल का भतीजा, कनपटी पर तमंचा सटाकर की हत्या; मेरठ में सनसनी
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में रिश्तों को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के गणेशपुर गांव में 17 वर्षीय किशोर ने अपनी चाची की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और सन्नाटा फैल गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
बेडरूम में घुसकर मारी गोली
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे 32 वर्षीय पूजा त्यागी अपने घर के बेडरूम में सोफे पर बैठी थीं। इसी दौरान उनका 17 वर्षीय भतीजा कमरे में घुसा और कनपटी पर तमंचा सटाकर फायर कर दिया।
गोली लगते ही पूजा लहूलुहान होकर फर्श पर गिर पड़ीं। गोली की आवाज सुनकर परिवार के अन्य लोग कमरे की ओर दौड़े, लेकिन तब तक आरोपी हाथ में तमंचा लेकर मौके से फरार हो चुका था।
छह महीने के बच्चे की छिन गई मां
बताया जा रहा है कि मृतका पूजा त्यागी का एक छह महीने का मासूम बच्चा भी है। मां की इस दर्दनाक हत्या के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
गांव के राजकुमार त्यागी के दो बेटे—देवेंद्र और धर्मेंद्र—संयुक्त परिवार में रहते हैं। धर्मेंद्र खेती करते हैं, जबकि देवेंद्र सेना में तैनात हैं और दो दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे। आरोपी किशोर देवेंद्र का बेटा बताया जा रहा है। पूजा की शादी चार साल पहले धर्मेंद्र से हुई थी।
घरेलू विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों परिवारों के बीच पिछले कई महीनों से छोटे-मोटे विवाद चल रहे थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घर में रोजाना होने वाले झगड़ों और चाची के व्यवहार से वह परेशान था।
उसने पुलिस को बताया कि वह लगातार तनाव में था और गुस्से में आकर उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही हस्तिनापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। कुछ ही घंटों में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से तमंचा भी बरामद कर लिया।
एसपी (ग्रामीण) ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया पारिवारिक कलह से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, फॉरेंसिक जांच और विस्तृत पूछताछ के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
गांव में पसरा मातम
इस घटना के बाद गणेशपुर गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि संयुक्त परिवारों में विवाद तो होते हैं, लेकिन इतना खौफनाक कदम उठाया जाना बेहद चौंकाने वाला है।




