विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर नगर निगम कर्मचारियों ने खोला मोर्चा
कानपुर नगर, नगर निगम कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारी संघ का आरोप है कि मुख्य सचिव के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अधिकारियों द्वारा उनकी समस्याओं और वार्ता को लेकर उदासीन रवैया अपनाया जा रहा है।
कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि पहले हुई मुलाकातों के बाद भी वार्ता की कोई निश्चित तिथि या समय तय नहीं किया गया है। संघ ने मांग की है कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल वार्ता के आदेश जारी किए जाएं और कर्मचारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
संघ द्वारा शासन और प्रशासन के समक्ष उठाई गई प्रमुख मांगें और बिंदु में मुख्यमंत्री की घोषणा और शासनादेश के क्रम में कानपुर नगर निगम के सभी आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों व अन्य कर्मियों (जैसे कंप्यूटर ऑपरेटर, अकाउंटेंट) का विवरण ‘आउटसोर्स सेवा निगम’ पोर्टल पर जल्द फीड कराया जाए तथा एक वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों के स्थायीकरण और पदोन्नति की प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए। उद्यान विभाग के मालियों को ‘हेड माली’ और सफाई कर्मचारियों को ‘सफाई नायक’ के पद पर जल्द प्रोन्नत किया जाए।
कहा गया चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को योग्यता व वरिष्ठता के आधार पर कनिष्ठ लिपिक के पद पर 20% कोटे के तहत पदोन्नति दी जाए। इसके अलावा, वर्षों से लंबित वर्दी का तत्काल वितरण या उसका नकद भुगतान किया जाए। साथ ही कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और एरियर का भुगतान न कर उस धनराशि को अन्य मदों में खर्च करने के मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है और मृतक आश्रितों को एक माह के भीतर नियुक्ति दी जाए और लंबित ACP पत्रावलियों को समय से कार्मिक विभाग भेजने के निर्देश दिए जाएं, ताकि कर्मचारियों को कोर्ट न जाना पड़े, इसके साथ ही जांच में देरी होने पर निलंबित कर्मचारियों की सशर्त (Conditional) बहाली की जाए।




