सीएसए में हुआ रावे छात्रों का हुआ ओरियंटेशन कार्यक्रम
कानपुर नगर, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर में कृषि स्नातक चतुर्थ वर्ष के छात्रों के लिए ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव का एक अभिविन्यास कार्यक्रम 10 सितम्बर को डीन वर्चुअल हाल में आयोजित किया गया । उक्त कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम में कृषि स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के लिए यह एक सेमेस्टर का ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव अनिवार्य है।
यह कार्यक्रम कृषि प्रसार एवं शिक्षा विभाग के तत्वावधान में एवं अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय की अध्यक्षता में आयोजित कराया गया । इस अवसर पर अधिष्ठाता कृषि ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यह ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव उनके भावी जीवन की दिशा निर्धारित करेगा। यह अनुभव नौकरी और स्वरोजगार दोनों में उपयोगी होगा।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राजीव कुमार ने ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव की आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रामीण कृषि क्षेत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जिसमें इस अवधि के दौरान कार्य अनुभव लिया जाना है। महाविद्यालय के सभी संकायों के प्राध्यापकों ने अपने अपने विषय की कार्य योजना के विषय मे प्राप्त होने वाले अनुभव और फार्म में किस प्रकार से जानकारी भरनी है से छात्रों को अवगत कराया। जिसमें प्रमुख विषय मृदा सुधार एवं परीक्षण, पादप संरक्षण, फल एवं सब्जी उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण एवं भंडारण, पशुपालन और प्रबंधन, कृषि विस्तार और प्रौद्योगिकी सम्मिलित थे। इस कार्य के लिए महाविद्यालय के कार्यक्रम के तहत विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों यथा कन्नौज, हरदोई, दिलीप नगर, फतेहपुर, रायबरेली और इटावा में जाकर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को उन्नत और वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करेंगे।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के अवसर पर विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्राध्यापक और अधिकारी यथा डॉ. वी. के. त्रिपाठी (निदेशक प्रसार), डॉ. अरुण कुमार, पशुपालन , डॉ. उमानाथ शुक्ला सस्य विज्ञान, डॉ. सुनील कुमार सिंह कृषि अर्थशास्त्र एवं गेस्ट फैकल्टी राकेश यादव, डॉ राजीव रंजन पटेल, आदित्य सिंह सहित कृषि प्रसार एवं शिक्षा, सस्य दैहिकी, कृषि रसायन विभागों के कर्मचारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अतुलनीय सहयोग प्रदान किया। ओरिएंटेशन कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्राध्यापकों और अधिकारियों ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया, और उम्मीद जताई कि यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों के किसानों की आय और उत्पादकता बढ़ाने में भी मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ कौशल कुमार ने एवं कार्यक्रम संचालन विभागाध्यक्ष कृषि प्रसार एवं शिक्षा डॉ राजीव कुमार ने की। डॉ हरिश्चंद्र, प्राध्यापक कृषि प्रसार एवं शिक्षा ने आए हुए अतिथियों/अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।




