*उन्नाव कस्तूरबा विद्यालय पहुचे जिलाधिकारी। छात्राओं से पूछा- पढ़ लिखकर क्या बनोगी?*
छात्राओं ने बताया- IAS और डॉक्टर बनना है, डीएम ने दी कड़ी मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई की सीख
उन्नाव। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह की मौजूदगी में विकासखंड बिछिया स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में शैक्षिक व्यवस्था, छात्रावास, भोजनालय, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कक्षाओं में पहुंचकर छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने पढ़ाई, भोजन और विद्यालय में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। डीएम ने छात्राओं से पूछा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे क्या बनना चाहती हैं। छात्राओं ने आईएएस और डॉक्टर बनने की इच्छा जताई। इस पर जिलाधिकारी ने उन्हें ईमानदारी के साथ कड़ी मेहनत करने की सीख देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
*मेस में परखी भोजन की गुणवत्ता*
जिलाधिकारी ने विद्यालय की मेस का भी निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री को परखा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्राओं को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
*पढ़ाई से समझौता न करने के निर्देश*
डीएम ने विद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया कि छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने-अपने विषय को पूरी गंभीरता और रुचि के साथ पढ़ाएं। सभी शिक्षक समय से विद्यालय पहुंचें और पठन-पाठन व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही न हो।
उन्होंने छात्राओं को अनुशासन बनाए रखने, मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
*सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश*
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को भी देखा। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा की अधिकारी को विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे प्राथमिकता के आधार पर लगवाने के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश पांडेय, तहसीलदार सदर सहित अन्य संबंधित अधिकारी, विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षिकाएं और कर्मचारी मौजूद रहे।
*पंकज श्रीवास्तव ब्यूरो*




