*स्टंटबाज बाइकर्स पर चलेगा अभियान, गांवों में बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर बढ़ेगी सख्ती*
*जुलाई में यातायात नियमों के उल्लंघन पर की 63 हजार से अधिक कार्रवाई, अतिक्रमण पर ढिलाई में पीडब्ल्यूडी के दो अधिशासी अभियंताओं से जवाब तलब*
कानपुर नगर।
सड़कों पर स्टंट करने वाले बाइकर्स के खिलाफ विशेष अभियान चलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों पर भी सख्ती बढ़ाई जाएगी। शुक्रवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश दिए गए। सड़कों से अतिक्रमण हटाने में ढिलाई पर पीडब्ल्यूडी के दो अधिशासी अभियंताओं से स्पष्टीकरण भी तलब किया गया।
एनएच-34 पर उपखनिजों की ढुलाई करने वाले वाहनों की ओवरलोडिंग के खिलाफ भी जांच और प्रवर्तन तेज किया जाएगा। समीक्षा में सामने आया कि उपखनिज ढोने वाले कुछ वाहन अपनी नंबर प्लेट छिपा लेते हैं अथवा वह स्पष्ट दिखाई नहीं देती। जुलाई में ऐसे मामलों में यातायात विभाग द्वारा 435 चालान किए गए। जिलाधिकारी ने ओवरलोडिंग की सघन जांच करने के साथ वाहनों की नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से दिखाई देना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्टंट करने वाले बाइकर्स के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों की जांच बढ़ाने को कहा। उन्होंने पुलिस और परिवहन विभाग को सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
*बिना हेलमेट 39 हजार से अधिक कार्रवाई*
जुलाई 2026 में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस एवं परिवहन विभाग ने बड़े पैमाने पर प्रवर्तन कार्रवाई की। दोनों विभागों के आंकड़ों को मिलाकर बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने के 39,021, रॉन्ग साइड ड्राइविंग के 11,778 और ओवर स्पीडिंग के 9,151 प्रकरणों में कार्रवाई की गई।
इसके अलावा बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने के 1,807, मॉडिफाइड साइलेंसर एवं प्रेशर हॉर्न के 1,809, बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने के 1,453, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग के 931, बिना फिटनेस वाहन संचालन के 902 तथा ड्रंक एंड ड्राइविंग के 363 प्रकरणों में कार्रवाई हुई। अंडर एज ड्राइविंग के चार और निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिले स्कूली वाहनों के 44 प्रकरणों में कार्रवाई की गई।
*अतिक्रमण की जानकारी नहीं दे सके अधिशासी अभियंता, स्पष्टीकरण तलब*
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड अपनी सड़कों पर अतिक्रमण की स्थिति के संबंध में स्पष्ट जानकारी प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अनूप कुमार मिश्रा से स्पष्टीकरण तलब किया।
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता अखंडेश्वर प्रसाद ने बताया कि उनके डिवीजन की सड़कों पर 30 अतिक्रमण चिह्नित हैं। इनमें 22 अस्थायी और आठ स्थायी हैं। सभी 30 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। पीडब्लूडी एनएच खंड द्वारा बताया गया कि रामादेवी से कल्याणपुर तक 905 अवैध अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने इस मार्ग पर अतिक्रमण के चिन्हीकरण की कार्रवाई और तेज करने के निर्देश दिए। एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक पंकज यादव ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर चिह्नित 823 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं।
*स्कूली वाहन चालकों का होगा चरित्र सत्यापन, आंखों की भी जांच*
मिशन सेफ फ्यूचर के तहत स्कूली वाहनों की सुरक्षा की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर प्रत्येक स्कूली वाहन चालक का चरित्र सत्यापन और स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। चालकों की आंखों की जांच भी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूली वैन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाया जाए और इसकी नियमित जांच की जाए।
*घायल को अस्पताल पहुंचाने पर 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि*
बैठक में सड़क दुर्घटना में घायलों को समय पर सहायता और उपचार उपलब्ध कराने के लिए राहवीर योजना और पीएम राहत जन आरोग्य योजना की भी समीक्षा की गई। राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वाले पात्र व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है। जिलाधिकारी ने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए।
पीएम राहत जन आरोग्य योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ित को अधिकतम सात दिनों तक अथवा 1.50 लाख रुपये तक, जो भी पहले हो, कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। जनपद में इसके लिए नौ अस्पताल चिह्नित हैं। इनमें वेदान्ता हॉस्पिटल, डेल्टा हॉस्पिटल, आशीर्वाद हॉस्पिटल, चांदनी हॉस्पिटल प्रा. लि., उजाला सिग्नस कुलवंती हॉस्पिटल, नारायणा हॉस्पिटल, रामादेवी मेडिकल सेंटर प्रा. लि., रामा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर तथा रामा हॉस्पिटल शामिल हैं। जिलाधिकारी ने योजना की जानकारी आमजन तक पहुंचाने और दुर्घटना पीड़ितों को इसका लाभ समय से दिलाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में डीसीपी ट्रैफिक रवींद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी (नगर) आलोक कुमार गुप्ता सहित संबंधित विभागों के विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।




