बिग ब्रेकिंग
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परिषदीय विद्यालयों के निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती, जिलाधिकारी ने जारी की सूची
राजेश कटियार
कानपुर देहात। जिले के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और प्रशासनिक कसावट लाने के लिए जिलाधिकारी कपिल सिंह की ओर से एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार जनपद के विभिन्न विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले संकुलों के नियमित निरीक्षण के लिए प्रथम श्रेणी के जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। आदेश के तहत नामित नोडल अधिकारियों को अपने आवंटित क्षेत्र में हर महीने कम से कम 3 परिषदीय विद्यालयों का सघन और औचक निरीक्षण करना होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, छात्र उपस्थिति और कायाकल्प योजना के तहत बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत को परखना है। जारी जांच अधिकारियों की सूची में जिला विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिशासी अभियंताओं समेत कुल 58 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उदाहरण के लिए विकासखंड सरवनखेड़ा के विभिन्न संकुलों के लिए खंड शिक्षा अधिकारी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को संबद्ध किया गया है।विकासखंड अमरौधा, मलासा और डेरापुर के अंतर्गत आने वाले न्याय पंचायतों/संकुलों के लिए भी विशिष्ट अधिकारियों की तैनाती की गई है।निरीक्षण आख्या सीधे जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी-
सभी नोडल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे आवंटित संकुलों के विद्यालयों का निरीक्षण कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट (आख्या) निर्धारित प्रारूप पर सीधे जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। निरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और बिना सूचना गायब रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
परिषदीय विद्यालयों के निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती, जिलाधिकारी ने जारी की सूची
राजेश कटियार
कानपुर देहात। जिले के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और प्रशासनिक कसावट लाने के लिए जिलाधिकारी कपिल सिंह की ओर से एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार जनपद के विभिन्न विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले संकुलों के नियमित निरीक्षण के लिए प्रथम श्रेणी के जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। आदेश के तहत नामित नोडल अधिकारियों को अपने आवंटित क्षेत्र में हर महीने कम से कम 3 परिषदीय विद्यालयों का सघन और औचक निरीक्षण करना होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, छात्र उपस्थिति और कायाकल्प योजना के तहत बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत को परखना है। जारी जांच अधिकारियों की सूची में जिला विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिशासी अभियंताओं समेत कुल 58 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उदाहरण के लिए विकासखंड सरवनखेड़ा के विभिन्न संकुलों के लिए खंड शिक्षा अधिकारी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को संबद्ध किया गया है।विकासखंड अमरौधा, मलासा और डेरापुर के अंतर्गत आने वाले न्याय पंचायतों/संकुलों के लिए भी विशिष्ट अधिकारियों की तैनाती की गई है।निरीक्षण आख्या सीधे जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी-
सभी नोडल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे आवंटित संकुलों के विद्यालयों का निरीक्षण कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट (आख्या) निर्धारित प्रारूप पर सीधे जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। निरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और बिना सूचना गायब रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।




