हरियाली का महाअभियान, कानपुर में रोपे जाएंगे 35.84 लाख पौधे*
– – 500 से अधिक स्थलों पर होगा पौधरोपण, सात थीम वन और 51 गोकुल वाटिकाएं होंगी विकसित*
— सीएसए में सुबह नौ बजे मुख्य कार्यक्रम, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान होंगे मुख्य अतिथि*
कानपुर नगर, कानपुर को हरा-भरा बनाने के लिए रविवार को वृहद वृक्षारोपण महाअभियान चलाया जाएगा। जनपद में 500 से अधिक चिन्हित स्थलों पर 35 लाख 84 हजार 556 पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। शहर में सात विशेष थीम आधारित वन विकसित होंगे, जबकि 51 गोआश्रय स्थलों पर गोकुल वाटिकाएं बनाई जाएंगी।
महाअभियान का मुख्य कार्यक्रम चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में प्रातः नौ बजे आयोजित होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री राकेश सचान होंगे। प्रदेश शासन ने वृक्षारोपण अभियान के लिए प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. षणमुग सुंदरम को नोडल अधिकारी नामित किया है। जिले के विभिन्न नगरीय निकाय क्षेत्रों और विकासखंडों में भी वृहद स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा। गंगा बैराज से मंधना तक सड़क के दोनों ओर अमलतास के पौधों का रोपण भी अभियान का विशेष आकर्षण रहेगा।मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन ने वृहद वृक्षारोपण महाअभियान की तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के नामित नोडल अधिकारी वृक्षारोपण स्थलों की जियो-टैगिंग कराएं तथा पौधों की सुरक्षा, संरक्षण और नियमित देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे अधिकाधिक पौधे सुरक्षित विकसित हो सकें।जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जनपदवासियों से वृहद वृक्षारोपण महाअभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक ‘एक पेड़ मां के नाम’ अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का संकल्प भी ले। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला बनेगा। जनसहभागिता से ही हरित और पर्यावरण-संतुलित कानपुर की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। उन्होंने सभी विभागों को पूर्ण समन्वय और जनभागीदारी के साथ अभियान को व्यापक स्वरूप देने के निर्देश दिए।
–सात थीम वन देंगे हरियाली को नई पहचान*
इस वर्ष शहर में सात विशेष थीम आधारित वन विकसित किए जाएंगे। वार मेमोरियल डीजीक्यूए कॉलोनी कैंटोनमेंट बोर्ड में 111 पौधों से वंदे मातरम् वाटिका तैयार होगी। बिल्हौर तहसील के हाजीपुर गांव में 17,500 पौधों का ऊर्जा वन विकसित किया जाएगा, जिसमें ईंधन के रूप में उपयोगी प्रजातियों के वृक्ष लगाए जाएंगे। सुधांशु जी महाराज आश्रम में महर्षि चरक वन, कारगिल पार्क में सामाजिक समरसता वन, संजय वन चेतना केंद्र में समृद्धि वन और ऑक्सी वन तथा एलन वन में फलदार वाटिका विकसित की जाएगी। प्रभागीय वन अधिकारी आकांक्षा जैन ने बताया कि जनपद में 500 से अधिक स्थलों पर पौधरोपण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। निर्धारित स्थलों के लिए पौधों का उठान कराया जा चुका है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि सभी लोग ‘एक पेड़ मां के नाम’ केवल लगाएं ही नहीं, बल्कि उसकी देखभाल भी मां की ममता और जिम्मेदारी के भाव से करें, जिससे हम सभी का यह सामूहिक प्रयास सही मायनों में सफल हो सके। अभियान के दौरान आम, महुआ, पीपल, पाकड़, बरगद, सहजन, सेमल, सिरस, शीशम, जामुन, गूलर, बेल, बहेड़ा, अशोक, कदम, आंवला, अमरूद, अनार और इमली सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा।
— वन विभाग लगाएगा 8.55 लाख पौधे*
विभागवार लक्ष्य के अनुसार वन विभाग 8.55 लाख पौधों का रोपण करेगा, जबकि अन्य विभागों को 27.29 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। ग्राम्य विकास विभाग को सर्वाधिक 13.06 लाख पौधों का लक्ष्य मिला है। कृषि विभाग 2.93 लाख, पर्यावरण विभाग 2.41 लाख, नगर विकास विभाग 2.16 लाख, पंचायती राज विभाग 1.37 लाख और राजस्व विभाग 96,700 पौधों का रोपण करेगा।




