लखनऊ: ‘चंपारण मीट हाउस’ के मालिक से मारपीट का आरोप, नशे में धुत आयकर अधिकारी पर गंभीर आरोप; विभूति खंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
लखनऊ। राजधानी के विभूति खंड क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ‘चंपारण मीट हाउस’ के मालिक के साथ कथित रूप से मारपीट और अभद्रता किए जाने का आरोप एक आयकर विभाग के अधिकारी पर लगा है। पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम को लेकर लिखित प्रार्थना पत्र देकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कार्रवाई न होने से पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, घटना 1 अप्रैल 2026 की है। आरोप है कि एक आयकर अधिकारी नशे की हालत में मौके पर पहुंचे और बिना किसी ठोस कारण के गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उन्होंने ‘चंपारण मीट हाउस’ के मालिक के साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं।
पीड़ित का कहना है कि आरोपी अधिकारी न सिर्फ नशे में थे, बल्कि उन्होंने खुलेआम अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने तक की धमकी दी। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी वहां से निकल गया।
एफआईआर दर्ज न होने का आरोप
सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि पीड़ित द्वारा थाना विभूति खंड में शिकायत देने के बावजूद अब तक न तो एफआईआर दर्ज की गई है और न ही किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई हुई है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस पर उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण के बाद विभूति खंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आम नागरिक के साथ इस तरह की घटना होती है और उसे न्याय नहीं मिलता, तो कानून व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है।
पीड़ित की मांग
पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी आयकर अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, तत्काल एफआईआर दर्ज कर उचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने की अपील की है।
बढ़ता आक्रोश, कार्रवाई का इंतजार
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और लोग पुलिस की निष्क्रियता पर नाराजगी जता रहे हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है और पीड़ित को न्याय कब मिलता है।




