*उन्नाव अवैध खनन पर जिला प्रशासन ने घेराबंदी कर की छापेमारी,ब्लैकलिस्टेड फर्म होने के बाद भी, खनन माफिया लंबे समय से अवैध खनन कर राजस्व को पहचा रहा था भारी नुकसान।*
यूपी के उन्नाव में खनन माफिया अवैध खनन कर सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुचा रहे है…और यह सब खेल सरकारी मुलाजिमों के संरक्षण में चल रहा है…जनपद के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के सहजनी और देवारा के बीच खनन माफिया रवि सिंह किसानों की जमीनों पर अवैध मिट्टी खनन कर सरकार को खुली चुनौती दे रहा था। खनन माफिया रवि सिंह- बाप बेटे द्वारा पोकलैंड मसीनो से बड़े ब्यापक स्तर पर अवैध खनन कर सरकार की टास्कफोर्स टीम को खुली चुनौती दे रहा था। ग्रामीणों की लगातार शिकायत के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और जिला प्रशासन व गंगाघाट कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम के साथ अवैध खनन स्थल पर घेराबंदी कर छापेमारी की मौके से 3 पोकलैंड मसीन और 2 डंपरों को कब्जे में ले कर कार्यवाही शुरू कर दी… फर्म ब्लैकलिस्टेड होने के बाद भी बेखौफ खनन माफिया रवि सिंह अवैध खनन कर अकूत संपति बनाने में जुटा रहा। और सरकारी मुलाजिम इसके खेल में शामिल रहे… जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनाई गई टास्कफोर्स टीम के अधिकारियों में शामिल एडीएम सुशील गौड़ ने आखिर कार चुप्पी तोड़ी और अवैध खनन कारोबार को संवेदनशील माना एडीएम ने बताया छापेमारी कर कार्यवाही की जा रही है और वही फर्म ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी पर एडीएम का पारा हाई हो गया खनन माफिया पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए साफ किया कि अवैध खनन बिल्कुल बर्दाश्त नही होगा।
सूबे की योगी सरकार ने संवेदनशील अवैध खनन को लेकर सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टास्कफोर्स टीम तैयार की थी ताकि अवैध खनन और अवैध परिवहन पर पूरी तरह से रोक लगाए जा सके पर उन्नाव जिले में खनन विभाग और टीम के सरकारी मुलाजिम सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे थे।
बाइट-सुशील गौड़ ADM उन्नाव
*अस्तित्व कुशवाहा उन्नाव संवाददाता*




