*यूपी पुलिस एसआई परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल से भड़का ब्राह्मण समाज।गंगाघाट नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ने एफआईआर की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन।*
पंकज श्रीवास्तव ब्यूरो
उन्नाव। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा रविवार को विवादों के घेरे में आ गई। जनपद उन्नाव में परीक्षा के एक प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द के विवादास्पद प्रयोग को लेकर ब्राह्मण समाज और विभिन्न संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। आक्रोशित लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, रविवार को आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में हिंदी विषय के अंतर्गत एक बहुविकल्पीय प्रश्न पूछा गया था। प्रश्न था— “अवसर देखकर बदल जाने वाले व्यक्ति को क्या कहते हैं?”। आरोप है कि इस प्रश्न के उत्तर के रूप में दिए गए विकल्पों में से एक विकल्प में “पंडित” शब्द का प्रयोग किया गया था। जैसे ही यह बात परीक्षार्थियों के माध्यम से बाहर आई, इसे लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए। गंगाघाट नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि संदीप पांडे ने विवादास्पद प्रश्न से समाज के एक वर्ग में उपजे असंतोष के बाद रविवार को जिलाधिकारी गौरांग राठी, पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह और कोतवाली गंगाघाट, सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात की। औपचारिक प्रार्थना पत्र सौंपते हुए इस कृत्य की घोर निंदा की।
इस शब्द को ‘अवसरवादी’ या ‘गिरगिट’ की तरह बदलने वाले व्यक्ति के पर्याय के रूप में पेश करना न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह समाज की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने का प्रयास है।
एफआईआर और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है कि इस प्रकार के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली चयन समिति और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तुरंत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की जाए।
ज्ञापन में इस बात पर भी जोर दिया गया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रश्नपत्र तैयार करने वाली विशेषज्ञों की टीम को अधिक संवेदनशील और सतर्क रहने के निर्देश दिए जाने चाहिए।




