_यह पुराणों व धर्मग्रन्थों में उल्लिखित जानकारियों का *’तत्त्व ज्ञान ‘* है।_
*आज गुरुवार, फाल्गुन शुक्ल पक्ष दशमी तिथि है।*
*आज मृगशिरा नक्षत्र, संवत् 2082 है।*
_( उक्त जानकारी *उज्जैन* और *काशी* के पञ्चाङ्गों के अनुसार है)_
👉 *होलिका पूजन* में भद्रा आड़े नहीं आती है। अतः अपराह्न में होलिका पूजन का समय है। (अपनी – अपनी कुल परम्परानुसार होलिका पूजन करें।)
👉 *होलिका दहन* 2 मार्च सोमवार को सायं प्रदोष काल में *स्थानीय समय* अनुसार 6:27 बजे से 8:56 बजे के बीच का समय श्रेष्ठ है।
👉 3 मार्च मङ्गलवार को *धूलेण्डी* (धूलोत्सव) है।
👉 3 मार्च मङ्गलवार को *खग्रास ग्रस्तोदय चन्द्र ग्रहण* है। जिसका सूतक काल सूर्योदय से ही प्रारम्भ होगा।
👉 *भारतीय स्टैण्डर्ड टाइम (घण्टा मिनट)*
*ग्रहण स्पर्श:* अपराह्न 3:20 बजे
*खग्रास प्रारम्भ:* सायं 4:35 बजे
*खग्रास मध्य:* सायं 5:04 बजे
*खग्रास समाप्त:* सायं 5:33 बजे
*ग्रहण समाप्त:* सायं 6:47 बजे।
👉 *ग्रहण पर्वकाल:* 3 घण्टा 27 मिनिट।
👉 *उज्जैन* में चन्द्रोदय सायं 6:30 बजे होगा, अतः चन्द्रग्रहण का उज्जैन में पर्वकाल 6:30 बजे से ग्रहण की समाप्ति अर्थात् 6:47 बजे तक कुल 17 मिनिट का ग्रहण होगा ।
👉 *ग्रहण सूतक:* चन्द्रग्रहण ग्रस्तोदित होने से विभिन्न स्थानों के *चन्द्रोदय से 12 घण्टा पूर्व* से ग्रहण का सूतक काल प्रारम्भ हो जाएगा। *उज्जैन* एवं इसके समीपवर्ती स्थानों में प्रातः 6:30 बजे से ग्रहण का सूतककाल प्रारम्भ हो जाएगा।
👉 इस सूतक काल के प्रारम्भ होते ही *आस्तिक जनों* को भोजन, शयन तथा अन्य सांसारिक सुखों का त्याग करना चाहिये।
👉 बालक, वृद्ध, रोगी, गर्भवती स्त्री एवं आतुरजन *सात्विक भोजन* पदार्थ आवश्यक मात्रा में ग्रहण आरम्भ होने से पाँच घण्टा पूर्व तक आवश्यकता में कर सकते हैं।
👉 *ग्रहण कालावधि* में अपने इष्टदेवता की आराधना करना चाहिये।
👉 *भारत* में ग्रहण चन्द्रोदय काल से प्रारम्भ होगा।
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*कल शुक्रवार 27 फरवरी 2026*
*के व्रत – पर्व -*
*आमलकी एकादशी व्रत*




