Budget 2026-27: राजकोषीय संतुलन के साथ विकास पर जोर, पढ़िए बजट के टॉप 10 बड़े ऐलान
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए राजकोषीय मजबूती और तेज आर्थिक विकास के बीच संतुलन साधने का स्पष्ट संकेत दिया। बुनियादी ढांचे, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी और भविष्य की तकनीकों पर फोकस के साथ सरकार ने कई बड़े एलान किए। बजट से जुड़ी रिपोर्ट और घोषणाओं के आधार पर पेश हैं टॉप 10 अहम बिंदु—
1. कैपेक्स में 9% की बढ़ोतरी
बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया, जो पिछले वर्ष के ₹11.2 लाख करोड़ से करीब 9% अधिक है।
2. रेयर अर्थ के लिए विशेष पैकेज
ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ स्थापित होंगे, जिससे खनन, प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
3. बायो-फार्मा शक्ति कार्यक्रम
भारत को वैश्विक बायो-फार्मा हब बनाने के लिए ₹10,000 करोड़ की योजना। 3 नए राष्ट्रीय संस्थान और 7 मौजूदा संस्थानों का अपग्रेड होगा।
4. सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स के लिए ₹40,000 करोड़ का प्रस्ताव। सप्लाई चेन, इक्विपमेंट और मटीरियल्स पर खास फोकस।
5. एमएसएमई के लिए ‘चैम्पियन एसएमई’ फंड
छोटे उद्योगों को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने के लिए ₹10,000 करोड़ का विशेष फंड।
6. टेक्सटाइल और खादी को बढ़ावा
मेगा टेक्सटाइल पार्क, 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर्स का पुनरुद्धार और ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ पहल का प्रस्ताव।
7. ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
स्टील और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर व यूटिलाइजेशन के लिए ₹20,000 करोड़ का प्रावधान।
8. इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड
निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए नया फंड, जो कर्जदाताओं को आंशिक क्रेडिट गारंटी देगा। साथ ही 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित होंगे।
9. बैंकिंग और फाइनेंस सुधार
‘बैंकिंग फॉर विकसित भारत’ पर उच्चस्तरीय समिति का गठन। बड़े म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने वाले नगर निकायों को प्रोत्साहन।
10. आर्थिक वृद्धि का मजबूत अनुमान
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, FY 2026-27 में जीडीपी वृद्धि 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान, जो वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की मजबूत स्थिति दर्शाता है।
👉 कुल मिलाकर, बजट 2026-27 में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, आत्मनिर्भरता और हरित विकास को केंद्र में रखते हुए आर्थिक स्थिरता और दीर्घकालिक विकास का रोडमैप पेश किया है।




