बजट 2026-27: खेल क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा, स्पोर्ट्स गुड्स के लिए ‘समर्थ पहल’ का एलान
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में पेश आम बजट 2026-27 में खेल क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ी घोषणा की। उन्होंने खेलकूद के सामानों के घरेलू निर्माण और गुणवत्ता सुधार के लिए नई पहल ‘समर्थ पहल’ (Samarth Pahal) का प्रस्ताव रखा। इस कदम से उच्च गुणवत्ता वाले स्पोर्ट्स गुड्स के निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा और खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन मिलने की उम्मीद है।
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में खेलों की बढ़ती लोकप्रियता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए देश में ही विश्वस्तरीय खेल उपकरणों का निर्माण समय की मांग है। उन्होंने कहा, “खेलकूद के सामानों के लिए समर्थ पहल का प्रस्ताव करती हूं, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले स्पोर्ट्स गुड्स का निर्माण भारत में ही किया जा सके।”
मैन्युफैक्चरिंग और मेक इन इंडिया को मिलेगा बल
सरकार की इस पहल से खेल उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम होगी और घरेलू कंपनियों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनने का अवसर मिलेगा। इससे रोजगार सृजन, छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) को बढ़ावा और भारत को स्पोर्ट्स गुड्स हब बनाने में मदद मिलेगी।
खेल इकोसिस्टम होगा मजबूत
समर्थ पहल के जरिए सरकार केवल टूर्नामेंट और प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर पूरे खेल इकोसिस्टम को सशक्त बनाना चाहती है। उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों की उपलब्धता से जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन मिलेंगे, जिससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रदर्शन और सशक्त हो सकता है। एशियन गेम्स (19 सितंबर–4 अक्तूबर, जापान) और कॉमनवेल्थ गेम्स (23 जुलाई–2 अगस्त, ग्लासगो) के मद्देनज़र यह बजट अहम माना जा रहा है।
पिछले साल खेल बजट में हुई थी 352 करोड़ की बढ़ोतरी
वित्तीय वर्ष 2025-26 में खेलों के लिए 3794.30 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, जो 2024-25 के 3442.32 करोड़ रुपये से 352 करोड़ रुपये अधिक था। पिछले साल खेल मंत्रालय को कुल 1000 करोड़ रुपये का आवंटन मिला था।
खेलो इंडिया को मिला था सबसे ज्यादा फायदा
2025-26 में खेलो इंडिया को 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जबकि 2024-25 में यह 900 करोड़ रुपये था। यानी खेलो इंडिया को 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिला। सरकार ने बीते वर्षों में खेलो इंडिया में लगातार निवेश बढ़ाया है, जिससे देशभर से प्रतिभाएं सामने आ रही हैं।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में खेलो इंडिया का वास्तविक आवंटन 596.39 करोड़ रुपये था, जिसे 2023-24 के बजट में बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये किया गया, हालांकि बाद में संशोधित कर 880 करोड़ रुपये कर दिया गया। खेलो इंडिया युवा खेलों की शुरुआत के बाद शीतकालीन खेल, विश्वविद्यालय खेल और पैरा खेलों को भी इसमें शामिल किया गया है।
देशभर में सैकड़ों खेलो इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्र (KISCE) स्थापित किए गए हैं, जहां उदीयमान खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं। खेलो इंडिया से जुड़े कई खिलाड़ी ओलंपिक दल का भी हिस्सा बन चुके हैं, जिनमें धिनिधि देसिंघु प्रमुख उदाहरण हैं।




