बजट क्या है? आम भाषा में समझिए बजट से जुड़े जरूरी शब्द
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगी। हर साल बजट के दौरान कई ऐसे आर्थिक शब्द सामने आते हैं, जिन्हें आम लोग ही नहीं, पढ़े-लिखे लोग भी पूरी तरह समझ नहीं पाते। ऐसे में जरूरी है कि बजट से जुड़े प्रमुख शब्दों और अवधारणाओं को आसान भाषा में समझा जाए।
क्या है बजट?
‘बजट’ शब्द फ्रेंच भाषा के Bougette से आया है, जिसका अर्थ है छोटा बैग। पुराने समय में व्यापारी और सरकारें अपने आय-व्यय के कागजात थैले में रखते थे। इसी परंपरा से सरकार के सालाना आय-व्यय के दस्तावेज को बजट कहा जाने लगा।
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit)
सरकार की कुल आय और कुल खर्च के बीच के अंतर को राजकोषीय घाटा कहते हैं। इससे पता चलता है कि सरकार को खर्च पूरा करने के लिए कितना कर्ज लेना पड़ेगा।
चालू खाता घाटा (Current Account Deficit)
जब किसी देश का आयात, निर्यात से ज्यादा हो जाता है, तो चालू खाता घाटा होता है। यानी देश से बाहर जाने वाली विदेशी मुद्रा, आने वाली मुद्रा से अधिक हो जाती है।
सरकारी राजस्व और व्यय
कर और अन्य स्रोतों से सरकार को होने वाली आय राजस्व कहलाती है, जबकि योजनाओं, वेतन, रक्षा और अन्य मदों पर खर्च को सरकारी व्यय कहा जाता है।
बजट आकलन (Budget Estimate)
बजट पेश करते समय सरकार आने वाले साल की अनुमानित आय और खर्च का ब्योरा देती है, जिसे बजट आकलन कहा जाता है।
वित्त विधेयक (Finance Bill)
इस विधेयक के जरिए सरकार नए कर लगाने या पुराने करों में बदलाव का प्रस्ताव रखती है। संसद की मंजूरी के बाद ही यह लागू होता है।
राजस्व सरप्लस (Revenue Surplus)
जब सरकार की राजस्व आय, राजस्व खर्च से अधिक हो जाती है, तो उसे राजस्व सरप्लस कहा जाता है।
विनियोग विधेयक (Appropriation Bill)
सरकार जब संचित निधि से पैसा खर्च करने की अनुमति संसद से मांगती है, तो उसे विनियोग विधेयक कहते हैं।
पूंजी बजट (Capital Budget)
इसमें सरकार की पूंजीगत आय और व्यय शामिल होते हैं, जैसे कर्ज, बॉन्ड बिक्री और परिसंपत्तियों पर खर्च।
संशोधित आकलन (Revised Estimate)
बजट अनुमान और वास्तविक खर्च के अंतर को संशोधित आकलन कहा जाता है।
पूंजीगत व्यय (Capex)
सड़क, रेल, भवन जैसी परिसंपत्तियों की खरीद और राज्यों या सार्वजनिक उपक्रमों को दिए गए कर्ज को पूंजीगत व्यय कहते हैं।
अनुदान मांग (Demand for Grants)
सरकार संसद से जितनी राशि खर्च करने की अनुमति मांगती है, उसे अनुदान मांग कहा जाता है।
योजना व गैर-योजना खर्च
विकास योजनाओं पर होने वाला खर्च योजना खर्च, जबकि वेतन, पेंशन, ब्याज और रक्षा जैसे खर्च गैर-योजना खर्च कहलाते हैं।




