कॉर्डियोलॉजी ग्रीन कॉरिडोर बना ऑटो स्टैंड, एंबुलेंस बार-बार फंसी
पुलिस की लापरवाही और अवैध पार्किंग से मरीजों की जान पर खतरा
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
कानपुर। रावतपुर से कॉर्डियोलॉजी अस्पताल तक यातायात पुलिस द्वारा विकसित किया गया ग्रीन कॉरिडोर अपने उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। कॉर्डियोलॉजी और जेके कैंसर जैसे अतिमहत्वपूर्ण अस्पतालों के सामने ऑटो चालकों की अवैध पार्किंग और सवारियां भरने की होड़ के चलते एंबुलेंस का रास्ता बार-बार बाधित हो रहा है।
गुरुवार को पड़ताल के दौरान पाया गया कि अस्पतालों के मुख्य द्वारों के सामने ही ऑटो आड़े-तिरछे खड़े कर सवारियां उतारी और बैठाई जा रही थीं। इससे ग्रीन कॉरिडोर में जाम की स्थिति बन रही थी, जबकि यह मार्ग विशेष रूप से एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही के लिए बनाया गया है।
सायरन बजने पर हटे ऑटो
रावतपुर में पिलर नंबर 201 से 226 के बीच दोपहर करीब 12:40 बजे एक सरकारी एंबुलेंस कल्याणपुर की ओर से कॉर्डियोलॉजी अस्पताल जा रही थी। दादी राणी मंदिर के सामने ऑटो चालकों ने सड़क घेर रखी थी, जिससे आगे के वाहन निकल नहीं पा रहे थे। एंबुलेंस द्वारा सायरन बजाने के बाद ऑटो हटाए गए, तब जाकर एंबुलेंस अस्पताल पहुंच सकी।
मोबाइल में व्यस्त सिपाही, बाहर निकलती एंबुलेंस फंसी
करीब 12:45 बजे कॉर्डियोलॉजी अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर ऑटो चालक खुलेआम सवारियां भरते दिखे। वहीं पास में मौजूद एक सिपाही मोटरसाइकिल पर बैठकर मोबाइल फोन चलाता रहा। इसी दौरान अस्पताल से बाहर निकल रही एंबुलेंस को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
फोटो खींचे जाते देख मौके पर मौजूद दरोगा, सिपाही और चार होमगार्ड अचानक सक्रिय हुए और सवारी उतार-चढ़ा रहे ऑटो चालकों के चालान काटने लगे। इसके बाद चालक मौके से भागे, तब जाकर स्थिति सामान्य हुई।
अन्य गंभीर समस्याएं
रावतपुर क्रॉसिंग से कॉर्डियोलॉजी की ओर जाने वाले पैदल यात्री जेके कैंसर अस्पताल के सामने डिवाइडर फांदकर सड़क पार कर रहे हैं, जिससे जाम और एंबुलेंस फंसने की स्थिति बन रही है।
रावतपुर स्टेशन से कॉर्डियोलॉजी की ओर जाने वाला मार्ग गड्ढों से भरा है। खराब सड़क के कारण आवागमन में दिक्कत होती है और मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है।
ग्रीन कॉरिडोर पर सख्त निगरानी और स्थायी पुलिस तैनाती न होने से इसकी उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।




