नेपाली करेंसी के जरिए चल रहा था हवाला कारोबार, शेयर ट्रेडिंग के नाम पर कराते थे निवेश
नौ संदिग्ध हिरासत में

डिस्ट्रिक हेड | राहुल द्विवेदी
कानपुर पुलिस ने सट्टेबाजी और हवाला कारोबार के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए नौ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। आरोपियों के पास से नेपाली करेंसी बरामद हुई है, जिसका इस्तेमाल हवाला लेन-देन में कोड के तौर पर किया जा रहा था। गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े होने की बात सामने आई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि हवाला के जरिए आने वाली रकम के आदान-प्रदान में नेपाली नोटों का उपयोग किया जाता था। आरोपी नेपाली करेंसी को दो हिस्सों में बांटते थे—एक हिस्सा खुद रखते थे और दूसरा संबंधित पार्टी को दिया जाता था। जहां रुपये का लेन-देन होना होता था, वहां नेपाली नोटों के नंबर और मिलान के बाद डील फाइनल की जाती थी।
एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि आरोपी बसों और ट्रेनों के जरिए एक शहर से दूसरे शहर हवाला की रकम भेजते थे। अधिक रकम होने पर उसे सोने और चांदी में बदल लिया जाता था। गिरोह के सदस्य रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर विशेष रूप से सक्रिय रहते थे।
प्रारंभिक जांच में दिल्ली, अलीगढ़, वाराणसी, इंदौर, मुंबई, नोएडा और जयपुर से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
नौ संदिग्ध हिरासत में
पुलिस और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नौ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पूछताछ में शहर के विभिन्न थानाक्षेत्रों में चल रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी और बेटिंग नेटवर्क की जानकारी भी मिली है। देर रात तक संदिग्धों से पूछताछ का सिलसिला जारी रहा।
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर निवेश
पुलिस के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन से कई शेयर ट्रेडिंग एप बरामद हुए हैं, जिनके जरिए लोगों से निवेश कराया जा रहा था। रमाकांत गुप्ता पहले शेयर ट्रेडिंग का काम करता था। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
कई रसूखदारों से डील
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गिरोह के तार सीधे दिल्ली और नोएडा से जुड़े हैं। पूछताछ में कई रसूखदारों के नाम सामने आए हैं, जिनसे डील होने की बात आरोपियों ने स्वीकार की है। इन बिंदुओं पर भी विस्तृत जांच की जा रही है।




