**कानपुर में नाबालिग से दुष्कर्म का सनसनीखेज आरोप, पुलिस महकमे में हड़कंप
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
शासन की सख्ती: डीसीपी हटाए गए, थाना प्रभारी निलंबित, एसओजी की चार टीमें तैनात
कानपुर।कानपुर में 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के गंभीर आरोपों ने पूरे पुलिस तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मामला सामने आते ही न केवल शहर बल्कि प्रदेश स्तर पर हड़कंप मच गया। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के बाद शासन ने त्वरित और कड़ा रुख अपनाया है।
सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने एक दरोगा पर अपने एक परिचित के साथ मिलकर नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। मामले की संवेदनशीलता और पुलिस स्तर पर लापरवाही को देखते हुए शासन ने संबंधित डीसीपी को पद से हटा दिया, जबकि थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
एक आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी की तलाश तेज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसओजी सहित चार विशेष टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
पीड़िता को सुरक्षा और चिकित्सा सहायता
पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है तथा चिकित्सकीय परीक्षण और काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता और उसके परिवार को हर संभव सुरक्षा दी जा रही है, ताकि वे बिना किसी दबाव के जांच में सहयोग कर सकें।
प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप
मामले के सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में भारी हलचल है। उच्चाधिकारियों द्वारा पूरे प्रकरण की निगरानी की जा रही है। शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए।
जन आक्रोश और सवाल
घटना के बाद आम जनता में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब कानून की रक्षा करने वाले ही आरोपों के घेरे में आ जाएं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। सामाजिक संगठनों ने मामले में फास्ट ट्रैक जांच और कड़ी सजा की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।




