5 साल की बच्ची से दुष्कर्म व हत्या के प्रयास के दोषी को फांसी
56 दिन में आया ऐतिहासिक फैसला, कोर्ट ने कहा— कम सजा पीड़िता के साथ अन्याय
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी
बांदा। पांच वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म कर उसकी हत्या का प्रयास करने वाले दोषी अमित रैकवार को बांदा जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दोषी को “तब तक फंदे पर लटकाया जाए, जब तक उसका दम न टूट जाए।”
यह फैसला घटना के महज 56 दिन के भीतर सुनाया गया, जिसे न्यायिक इतिहास में तेज़ और सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने सजा सुनाने के बाद कहा कि ऐसे जघन्य अपराध में नरमी बरतना पीड़िता के साथ अन्याय होगा।
जुलाई 2025 में हुई थी दरिंदगी
घटना 25 जुलाई 2025 की है। कालिंजर थाना क्षेत्र में आरोपी अमित रैकवार ने मासूम बच्ची को टॉफी का लालच देकर अपने घर बुलाया और उसके साथ अमानवीय कृत्य किया। पीड़िता को गंभीर शारीरिक चोटें पहुंचाईं गईं। बच्ची का इलाज फिलहाल अस्पताल में जारी है।
5 घंटे में पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तारी
वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने महज 5 घंटे के भीतर उसे मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी थी।
अदालत की कड़ी टिप्पणी
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध समाज की आत्मा को झकझोरने वाला है और ऐसे मामलों में कठोरतम दंड ही न्याय की वास्तविक अभिव्यक्ति है।




