*फर्जी वकील मामले मे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उन्नाव की चुप्पी पर सवाल🤔?*
योगी जी का कानून क्या सिर्फ तीन विपक्षी नेता तक ही सीमित?फर्जी वकील अलीशा अंसारी आज़ाद क्यों?
अपराधों की लंबी फहेरिस्त फिर भी उन्नाव पुलिस फर्जी वकील पर मेहरबान?
उन्नाव कोर्ट के दर्ज मुकदमो के वकालतनामो में फर्जी रजिस्ट्रेशन की मोहर का मायाजाल उन्नाव पुलिस मामले से मौन?
फर्जी,रजिस्ट्रेशन नंबर, की अलग,अलग दायर वाद में मोहर का प्रयोग उन्नाव पुलिस शातिर महिला आजाद क्यों?
एक कहावत है कि अगर क्षेत्रीय पुलिस
चाह ले तो किसी भी निर्दोष को अपराधी बना दे और अपराधी को निर्दोष बनाकर उन्हें अपने क्षेत्र में पनाह दे?
अवैध C,O,P, और रजिस्ट्रेशन की फर्जी
मोहर का गोरख धंधा उन्नाव बार में सुचारू?
सम्मानित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उन्नाव को डर किसका सता रहा है जो फर्जी अधिवक्ता पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है?
*दिल्ली* सुप्रीम कोर्ट के माननीय,CJi सूर्यकांत जी देश की न्याय व्यवस्था को दुरुस्त करने और लापरवाही बरतने वालों को चुनौती देते नजर आ रहे है,कहा जा रहा है,कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और न्याय व्यवस्था पर किसी भी प्रकार का दबाव स्वीकार्य नहीं होगा जनपद उन्नाव पुलिस की न्याय व्यवस्था की बात करे तो जमीनें स्तर पर सिमटी सी दिखाई देती पड़ रही है, अलीशा अंसारी नामक फर्जी वकील द्वारा उन्नाव बार व कोर्ट के अंदर,दो,
मुकदमे झूठे दर्ज कराए और वकालतनामे में दो,रजिस्ट्रेशन की फर्जी मोहर और दो,नामो की महिलाओं की जारी अलग, अलग आईंडी का खुला प्रयोग किया गया जो उन्नाव पुलिस की लापरवाही और देश की कानून व्यवस्था की सच्चाई को उजागर कर रहा है पीड़ित पत्रकार न्याय की आस लिए सरकार व उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की दर,दर की ठोकरे खा रहा है आज तक संज्ञान तो दूर की बात है उन्नाव पुलिस ने कोई जांच नहीं की योगी जी के निर्देश सिर्फ विपक्षी दल तक ही सीमित कोई ऐसा कानून में प्राविधान है कि कोई वकील किसी भी जनपद की कोर्ट मे वाद दायर करे और उसके वकालतनामे में दो,अलग, अलग रजिस्ट्रेशन की मोहर व दो,अलग,अलग नामो की आईंडी का प्रयोग अपने ही नामो से क्या कर सकता है उन्नाव कोर्ट के न्यायालय से,अलग-अलग,
दर्ज मुकदमों में प्रयोग,में लाए वकालतनामो में दो,अलग,अलग रजिस्ट्रेशन,नंबर,1364/
2020 और,रजिस्ट्रेशन,नंबर,UP2898
2020 की मोहर के इस्तमाल करने का मामला उन्नाव पुलिस के सामने और यह फर्जी वाड़े का खेल का मामला सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जोरों से दिखाया जा रहा है और इस मामले में आवाज उठाई जा रही है और इस उपरोक्त संबंध में प्रार्थना पत्र भी दिया जा रहा है पर अभी तक कोई कार्यवाही का जवाब नहीं आया जो हमारे देश की न्यायपालिका पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है जो उन्नाव पुलिस प्रशासन की कानून व्यवस्था की सच्चाई को उजागर करता है सुप्रीम कोर्ट के CJi के आदेश जमीनी स्तर पर सिमटे से दिखाई पड़ रहे है उन्नाव पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह की अपराधी को कड़ी चेतावनी या तो जिला छोड़े या तो जेल जाने के लिए तैयार रहें महिला के खिलाफ कई FiR दर्ज हैं, जिनमें धारा,380,411,509,500,323,504, 506,
307 के तहत मुकदमे शामिल हैं। इसके बावजूद, अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या महिला के पीछे कोई बड़े सत्ताधारी का साथ यह फिर महिला को किसी गिरोह का संरक्षण प्राप्त है जिस कारण महिला पर कार्यवाही अभी शेष है योगी जी और डीजीपी महोदय देश का कानून क्या किसी सत्ताधारी के दबाव पर चलेगा यह देश कानून से चलेगा उम्मीद है उन्नाव पुलिस अधीक्षक श्री जय प्रकाश सिंह से इस मामले में पूर्व में दिए प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कदम उठाते हुए क्या दोषी महिला पर कार्यवाही करते है।
मोहित श्रीवास्तव की रिपोर्ट




