कानपुर: गंगा बैराज पर पुलिस को रौंदने की कोशिश करने वाले ‘नशेड़ी’ गिरफ्तार, 48 घंटे में पुलिस का कड़ा प्रहार
डिस्ट्रिक हेड। राहुल द्विवेदी।
कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर के गंगा बैराज मार्ग पर कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करने वाले अपराधियों को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। 23 दिसंबर की रात नशे की हालत में पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपियों को कोहना थाना पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर यह संदेश दे दिया है कि वर्दी पर हाथ डालना अब अपराधियों के लिए महंगा साबित होगा।
क्या थी पूरी घटना?
बीते 23 दिसंबर की रात गंगा बैराज पर पुलिस रूटीन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार को रुकने का इशारा किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार सवार युवक शराब के नशे में धुत थे। उन्होंने रुकने के बजाय बैरियर तोड़ते हुए सीधे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ा दी। इस कायराना हमले में कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल भर्ती कराया गया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
48 घंटे का ‘ऑपरेशन क्लीन’
घटना के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नरेट एक्शन मोड में आ गई। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों, सर्विलांस और साइबर सेल की मदद से आरोपियों का जाल बिछाया। पुलिस की कई टीमों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में दबिश दी। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा और वारदात में इस्तेमाल की गई क्षतिग्रस्त कार भी बरामद कर ली। पुलिस जांच में पुष्टि हुई है कि आरोपी शराब के नशे में थे और उनका इरादा जानबूझकर पुलिसकर्मियों को नुकसान पहुँचाना था।
वर्दी पर हमला यानी सीधी जेल
कानपुर पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून के रक्षकों के साथ अभद्रता या उन पर हमला करने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य फरार साथियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
पुलिस का संदेश: “कानून से टकराओगे तो टूट जाओगे।” यह कार्रवाई उन अराजक तत्वों के लिए एक कड़ा सबक है जो सड़कों पर रफ्तार और नशे के जुनून में दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं।




