*भरथना नगर पालिका में बड़ा वेतन घोटाला,कागजी कर्मचारियों के नाम पर हर महीने लाखों की ‘लूट’*
*जमीनी स्तर पर कर्मचारी गायब, रिकॉर्ड में तैनाती; जांच की उठी मांग*
नितेश प्रताप सिंह (ब्यूरो इटावा)
भरथना,इटावा।
इटावा जनपद की भरथना नगर पालिका इन दिनों भ्रष्टाचार और सरकारी धन के खुले दुरुपयोग को लेकर सुर्खियों में है। नगर पालिका के भीतर एक ऐसे बड़े वेतन घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। आरोप है कि नगर पालिका में ऐसे दर्जनों ‘कागजी कर्मचारी’ तैनात हैं, जो धरातल पर कभी नजर नहीं आते, लेकिन हर महीने उनके नाम पर लाखों रुपये का वेतन बाकायदा निकाला जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार,भरथना नगर पालिका को इसी माह वेतन मद में 1 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की भारी-भरकम धनराशि प्राप्त हुई है। इस राशि का एक बड़ा हिस्सा आउटसोर्सिंग और नियमित कर्मचारियों के नाम पर ठिकाने लगाया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिन कर्मचारियों के नाम रिकॉर्ड में दर्ज हैं और जिन्हें नियमित रूप से भुगतान हो रहा है, वे जमीनी स्तर पर पूरी तरह गायब हैं। इस पूरे कथित घोटाले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इसकी पोल किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि नगर पालिका के ही एक निष्ठावान कर्मचारी ने खोली है। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारी ने दबे स्वर में बताया कि आउटसोर्सिंग और नियमित कर्मचारियों की भर्ती और उनके वेतन भुगतान में बड़े पैमाने पर हेरफेर चल रही है। ‘फर्जी कर्मचारियों’ (घोस्ट एम्प्लॉइज) के जरिए सरकारी खजाने को सीधे तौर पर चूना लगाया जा रहा है। आखिर किसकी शह पर फल-फूल रहा है यह खेल? क्या इस करोड़ों रुपये के घोटाले में नगर पालिका के आला अधिकारियों और जिम्मेदारों की मूक सहमति है। इस खुलासे के बाद से ही स्थानीय स्तर पर और जागरूक नागरिकों के बीच आक्रोश व्याप्त है। रिकॉर्ड और हकीकत के इस बड़े अंतर को देखते हुए अब उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस घोटालों का पूरा काला चिट्ठा और साक्ष्य जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे, जिससे इस भ्रष्टाचार के पीछे छिपे ‘सफेदपोश’ चेहरों की हकीकत जनता के सामने आ सके। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को संज्ञान में लेकर क्या कार्रवाई करता है, या फिर हर बार की तरह इस बार भी मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।




