*कैबिनेट फैसला- यूपी में सरकारी वकीलों का मानदेय बढ़ा*
लखनऊ। कैबिनेट ने रेट रिवाइज किए, *महाधिवक्ता का मानदेय 1.25 लाख और बहस फीस 60 हजार/दिन तय।* कैबिनेट ने राज्य के सरकारी वकीलों के मानदेय और मासिक भत्ते में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लंबे अंतराल बाद जिला शासकीय अधिवक्ता से लेकर महाधिवक्ता तक के रेट रिवाइज किए गए हैं।
किसका कितना बढ़ा मानदेय, जिला स्तर के वकील-
1- जिला शासकीय अधिवक्ता: *रिटेनर फीस ₹14,000/माह, बहस फीस ₹2,500 प्रति कार्य दिवस।*
2- अपर जिला शासकीय अधिवक्ता: *रिटेनर फीस ₹11,000/माह, बहस फीस ₹2,300/कार्यदिवस।*
3- सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता: *₹10,000/माह, बहस फीस ₹2,300/कार्यदिवस।*
4- उप जिला शासकीय अधिवक्ता: *₹9,000/माह, बहस फीस ₹2,000/कार्यदिवस।*
विशेष वकील:
5- नामिका वकील, विशेष अधिवक्ता, न्याय वित्त दीवानी फौजदारी: *बहस फीस ₹2,300/कार्यदिवस।*
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट स्तर:
6- महाधिवक्ता: *₹1,25,000/माह, बहस फीस ₹60,000/कार्यदिवस।*
7- अपर महाधिवक्ता: *₹50,000/माह, बहस फीस ₹40,000/कार्यदिवस।*
8- अपर महाधिवक्ता, मा. उच्चतम न्यायालय: *₹50,000/माह, बहस फीस ₹50,000/कार्यदिवस।*
9- मुख्य स्थायी अधिवक्ता: *₹35,000/माह, बहस फीस ₹12,000/कार्यदिवस।*
10- अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता, अपर शासकीय अधिवक्ता, अपर लोक अभियोजक: *₹20,000/माह, बहस फीस ₹8,000/कार्यदिवस।*
प्रदेश में अदालती कार्यवाही में लगे सरकारी वकीलों के मानदेय में लंबे समय बाद बढ़ोतरी की गई है। सरकार का मानना है कि इससे न्यायिक कार्य में तेजी आएगी और योग्य वकील सरकारी पक्ष रखने के लिए आकर्षित होंगे। कैबिनेट के इस फैसले से हजारों विधि अधिकारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
मोहित श्रीवास्तव की रिपोर्ट




