*43 दिन के ग्रीष्म अवकाश में 17 दिन परीक्षा में ड्यूटी; शिक्षकों की छुट्टियां कागजों में सिमटी, बोले- पीएल देने का नियम बने*
31 मई से 28 जून तक पीटीईटी सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाएं
ग्रीष्मकालीन अवकाश में छुट्टियों के बीच अब प्रतियोगी परीक्षाओं ने शिक्षकों की छुट्टियों पर असर डाल दिया है। 17 मई से 28 जून तक घोषित 43 दिन के अवकाश में 17 दिन विभिन्न परीक्षाओं में ड्यूटी लगने से बड़ी संख्या में शिक्षक वास्तविक रूप से छुट्टियों का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अवकाश शुरू होते ही 20 मई को प्री-डीएलएड और 21 मई को आयुष एनटी सुरक्षा परीक्षा आयोजित हुई। इसके बाद 31 मई से 11 जून तक स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा, 14 जून को पीटीईटी, 21 जून को नीट और नेट तथा 28 जून को वनपाल भर्ती परीक्षा प्रस्तावित है। इन परीक्षाओं में लाखों अभ्यर्थियों के कारण शिक्षकों की ड्यूटी लगातार लगाई जा रही है। राजकीय स्कूलों के अधिकांश केंद्र बनाए जाते हैं, जिससे यहां के शिक्षकों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। उन्हें अवकाश के दौरान मुख्यालय पर मौजूद रहना पड़ता है और निजी कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहे हैं।
*ये परीक्षाएं प्रस्तावित*
31 मई से 11 जून: स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा (5.50 लाख अभ्यर्थी)
14 जून: पीटीईटी (1.23 लाख अभ्यर्थी)
21 जून: नीट और नेट (नीट: 2.09 लाख, नेट: 40 हजार अभ्यर्थी)
28 जून: वनपाल भर्ती परीक्षा (3.76 लाख अभ्यर्थी)
शिक्षकों की समान रूप से लगाई जाएं ड्यूटी विनोद प्रकाश शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने कहा कि अवकाश में लगातार ड्यूटी के कारण शिक्षकों को अपने कार्यक्रम बदलने पड़ते हैं। ड्यूटी के लिए इच्छुक शिक्षकों से पहले सहमति ली जाए और सभी को ड्यूटी समान रूप से लगाई जाए।
अवकाश में ये परीक्षाएं हुईं
20 मई: प्री डीएलएड (6.05 लाख अभ्यर्थी)
21 मई: आयुष एनटी सुरक्षा (1.08 लाख अभ्यर्थी)
ग्रीष्मकालीन अवकाश में परीक्षाएं होने से शिक्षकों का अवकाश प्रभावित होता है। इन छुट्टियों में वे कहीं घूमने जाने का प्लान भी नहीं बना पाते। सेवा नियमों में संशोधन करके परीक्षाओं में ड्यूटी के बदले शिक्षकों को पीएल का लाभ दिया जाए।




